जब जनरल अर्जुन राठौड़ ने अपनी कसम खाई, तो कमरे में सन्नाटा छा गया। सबको यकीन नहीं हो रहा था कि राहुल कपूर पर भरोसा किया जाए। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे मोड़ देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। भविष्य की तकनीक और पुरानी प्रतिज्ञाओं का टकराव बहुत गजब का था। हर डायलॉग में वजन था।
ब्लोंड हेयर वाले राष्ट्रपति का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने नागदेश वालों को सबक सिखाने की बात कही। यह सीन देखकर लगा कि अब युद्ध निश्चित है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में विलेन का अंदाज बहुत खतरनाक लग रहा है। टेबल पर मुक्का मारना और आंखों में आग होना, बस कमाल का एक्टिंग था।
बर्फ़ में चलने वाला रोबोटिक भेड़िया और समुद्र के अंदर विशाल कछुआ, ये सभी दृश्य बहुत ही शानदार थे। ऐसा लग रहा था जैसे कोई बड़ी फंतासी फिल्म देख रहे हों। (डबिंग) साँप की शुरुआत में विजुअल इफेक्ट्स पर काफी मेहनत की गई है। जब ये सभी हथियार सक्रिय हुए, तो रोंगटे खड़े हो गए।
न्यूज़ एंकर्स की रिपोर्टिंग ने माहौल को और गंभीर बना दिया। दुनिया भर में सैन्य तैयारियों की खबरें चल रही थीं। यह दिखाता है कि संघर्ष कितना बड़ा होने वाला है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ग्लोबल इंपैक्ट को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। स्क्रीन पर जो टेंशन थी, वह हमारे तक पहुंच रही थी।
हरे वर्दी वाले जनरल ने सवाल उठाया कि पूरे देश की किस्मत एक सांप पर दांव पर लगी है। यह डायलॉग बहुत भारी था। लेकिन अर्जुन राठौड़ ने अपनी गरंटी दी। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे संवाद कहानी को आगे बढ़ाते हैं। कौन सही है और कौन गलत, यह समझना मुश्किल हो रहा था।
हवा में तैरते हुए शहर और सैटेलाइट्स का नज़ारा बहुत ही भव्य था। तकनीक इतनी आगे बढ़ चुकी है कि कल्पना से परे लगता है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में वर्ल्ड बिल्डिंग बहुत मजबूत है। जब महादुर्ग योजना शुरू हुई, तो लगा कि अब असली खेल शुरू होने वाला है। हर फ्रेम में बारीकी थी।
सब राहुल कपूर के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन वह दिखाई नहीं दिया। उसकी जानकारी सच साबित हुई है, यह बात सबको हैरान कर रही थी। (डबिंग) साँप की शुरुआत में यह किरदार बहुत महत्वपूर्ण लग रहा है। उसका वजूद ही सबूत है, यह लाइन दिमाग में घूम रही थी। आगे क्या होगा, जानने की उत्सुकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि वे असली शासक कौन है, यह बता देंगे। यह धमकी बहुत सीधी और खतरनाक थी। नागदेश कभी हार नहीं मानेगा, यह भी साफ था। (डबिंग) साँप की शुरुआत में दोनों तरफ की जिद साफ झलक रही थी। जब मुट्ठी भींची गई, तो लगा कि अब खून खराबा होने वाला है।
गोल मेज और होलोग्राफिक डिस्प्ले बहुत ही आधुनिक लग रहे थे। सभी अधिकारी अपनी जगह पर बैठे थे और माहौल गंभीर था। (डबिंग) साँप की शुरुआत में सेट डिजाइन पर काफी ध्यान दिया गया है। नीली रोशनी और धातु की दीवारें भविष्य का अहसास दिलाती हैं। देखने में बहुत सुंदर लग रहा था।
अंत में राष्ट्रपति ने खून की कीमत चुकाने की बात कही। यह डायलॉग रोंगटे खड़ा करने वाला था। लग रहा था कि अब बड़ी लड़ाई होने वाली है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में क्लाइमेक्स की तैयारी बहुत अच्छे से की गई है। नेटशॉर्ट एप पर देखने का अनुभव बहुत रोमांचक रहा है। बस अगला एपिसोड देखना है।