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(डबिंग) साँप की शुरुआतवां88एपिसोड

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(डबिंग) साँप की शुरुआत

राहुल कपूर अचानक एक ऐसे संसार में पहुँच जाता है जहाँ लोग पशु नियंत्रक हैं। वहाँ वह एक कमजोर और उपहास का पात्र “सर्प” बन जाता है, जिसे रिया मल्होत्रा भी नापसंद करती है। मौत के करीब पहुँचने पर वह अवशोषण विकास प्रणाली सक्रिय करता है और छाया भेड़िया जैसे जीवों को निगलते हुए लगातार विकसित होता है। धीरे-धीरे वह साधारण सर्प से शक्तिशाली नाग बनकर अंततः विश्व को भयभीत करने वाला महान ड्रैगन बन जाता है। वैश्विक पशु प्रलय और खतरनाक शत्रुओं के बीच, वह मानवता के साथ मिलकर लड़ता है और सर्वोच्च शक्ति।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सुनहरे ड्रैगन का कमाल

ड्रैगन का डिज़ाइन कमाल का है, खासकर वो सुनहरा वाला जो बादलों में चमक रहा था और ताकतवर लग रहा था। शहर की तबाही देखकर रोंगटे खड़े हो गए और दिल दहल गया जो बहुत बुरा लगा। कमांडर का राहुल कपूर पर निशाना साधना कहानी में नया मोड़ लाता है और सस्पेंस बढ़ाता है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे एक्शन सीन्स बार-बार देखने को मिलते हैं जो दिल धड़का देते हैं और रोमांचित करते हैं। एनिमेशन की क्वालिटी भी बहुत हाई लेवल की लग रही है और हर डिटेल पर ध्यान दिया गया है जो तारीफ़ के काबिल है।

राहुल कपूर का राज़

राहुल कपूर के नाम का ज़िक्र सुनकर हैरानी हुई कि आखिर वो कौन है और इतना अहम क्यों है। सैनिकों के चेहरे पर डर साफ़ दिख रहा था जो हालात की गंभीरता बताता है और चिंता बढ़ाता है। बड़े कीड़े जैसे राक्षस का शहर में हमला बहुत भयानक लगा और तबाही मचाई। (डबिंग) साँप की शुरुआत की कहानी में हर मोड़ पर सस्पेंस बना हुआ है जो बांधे रखता है और छोड़ता नहीं है। बर्फ़ वाले गोरिले का एंट्री भी बहुत धमाकेदार था और नई चुनौती खड़ी करता है जो देखने लायक है।

तबाही का मंज़र

शहर के मलबे के बीच वो विशालकाय ड्रैगन का खड़ा होना किसी सपने जैसा लगा जो असलीयत से ज्यादा खूबसूरत था और अद्भुत था। आग और बिजली का कॉम्बिनेशन स्क्रीन पर जबरदस्त लग रहा था और आँखों को चुभाता था। कमांडर की आँखों में गुस्सा साफ़ झलक रहा था और वो पागल लग रहा था। (डबिंग) साँप की शुरुआत देखते वक्त ऐसा लगा जैसे मैं खुद उस मैदान में खड़ा हूँ और लड़ रहा हूँ। वीएफएक्स का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है और आँखों को सुकून देता है जो बहुत अच्छा है।

ड्रैगन की टक्कर

लाल ड्रैगन और सुनहरे ड्रैगन की लड़ाई देखते ही बन रही थी और साँसों को रोक लेती थी जो बहुत इंटेंस था। आग के गोले एक दूसरे से टकरा रहे थे और धमाके हो रहे थे जो गूंज रहे थे। राहुल कपूर को टारगेट करने का आदेश मिलना प्लॉट को और दिलचस्प बनाता है और राज़ खोलता है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में एक्शन का लेवल हमेशा ऊपर ही रहता है जो थकाता नहीं है और मज़ा देता है। भीड़ का डरा हुआ चेहरा भी बहुत वास्तविक लगा और दर्द दिखाता है जो दिल को छूता है।

बर्फ़ का गोरिला

बर्फ़ से ढका हुआ गोरिला जब दहाड़ा तो स्क्रीन हिल गई और आवाज़ गूंज उठी जो कानों में बजी। उसकी बॉडी आर्मर बहुत यूनिक डिज़ाइन की थी जो ताकतवर लग रही थी और खतरनाक थी। शहर की तबाही के बीच ये नया राक्षस और मुसीबत बढ़ाता है और डराता है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में हर एपिसोड में नया राक्षस आता है जो हैरान करता है और चौंकाता है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव बहुत स्मूथ रहा और मज़ा आया जो बहुत अच्छा लगा।

सैनिक का डर

सैनिक का चेहरा पसीने से तरबतर देखकर लगा कि हालात बहुत खराब हैं और जान खतरे में है जो डराता है। कमांडर की आवाज़ में सख्ती थी पर डर भी छिपा था जो कॉन्फ्लिक्ट दिखाता है और सच बताता है। राहुल कपूर को टारगेट करने का आदेश मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा है और राज़ है। (डबिंग) साँप की शुरुआत की स्क्रिप्ट में गहराई है जो सोचने पर मजबूर करती है और लगाए रखती है। एनिमेशन की डिटेलिंग पर बहुत मेहनत की गई है जो साफ़ दिखती है।

रात की लड़ाई

रात के समय शहर में ये लड़ाई और भी डरावनी लग रही थी और सन्नाटा छा गया था जो अजीब था। चाँदनी में ड्रैगन का चमकना बहुत खूबसूरत था जो आँखों को चुभाता था और भा गया। कीड़े जैसे राक्षस के पंजे बहुत नुकीले और खतरनाक दिख रहे थे और डरा रहे थे। (डबिंग) साँप की शुरुआत में विजुअल स्टोरीटेलिंग बहुत मजबूत है जो कहानी कहती है और समझाती है। हर फ्रेम में एक्शन और ड्रामा बराबर मात्रा में है जो बैलेंस है और अच्छा लगता है।

बिजली का हमला

बिजली कड़कने के साथ ड्रैगन का हमला करना बहुत पावरफुल सीन था जो रोंगटे खड़े कर देता है और डराता है। राहुल कपूर को लेकर कमांडर का जुनून साफ़ दिख रहा था और वो पागल लग रहा था और जिद्दी था। सैनिकों की बॉडीज बिखरी हुई थीं जो युद्ध की भयानकता दिखाती हैं और दुख देती हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत में इमोशनल एंगल भी अच्छा है जो दिल को छूता है और रोता है। वीएफएक्स टीम को सलाम करना चाहिए इतनी मेहनत के लिए जो सराहनीय है।

भीड़ का दर्द

भीड़ का ऊपर देखना और डर के मारे सहम जाना बहुत इमोशनल था और दर्दनाक लग रहा था और बुरा लगा। सुनहरे ड्रैगन को देवता मानना उनकी मजबूरी लग रही थी और उम्मीद भी जो अच्छी है। राहुल कपूर का ज़िक्र कहानी का सबसे बड़ा राज़ लगता है जो सुलझना बाकी है और जानना है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में सस्पेंस बनाए रखना अच्छे से आता है और बांधे रखता है। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी ये जानने की उत्सुकता है और बेचैनी है।

क्लाइमेक्स की तैयारी

आखिर में बर्फ़ वाले गोरिले का आना बताता है कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई और जारी रहेगी और चलती है। दो ड्रैगन की टक्कर के बाद ये नया खतरा और बड़ा है जो डराता है और चौंकाता है। कमांडर के आदेश से लगता है सब कुछ प्लान किया हुआ है और सोचा हुआ है। (डबिंग) साँप की शुरुआत का क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार होने वाला है और देखने लायक है। नेटशॉर्ट पर सीरीज देखना बहुत मज़ेदार है और समय कटता है जो अच्छा है।