दृश्य की शुरुआत बहुत ही शांत रात के नज़ारे से होती है, लेकिन फिर अचानक शहर का माहौल बदल जाता है। घायल सैनिकों के बीच जब फोन पर वो सूचना आती है, तो सबकी आँखें फटी की फटी रह जाती हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत में दिखाया गया वो संघर्ष वाकई दिलचस्प है। लाल बालों वाले लड़के का प्रतिक्रिया देखकर लगता है कि उन्होंने कुछ बहुत बड़ा देख लिया है। यह दृश्य दर्शकों को बांधे रखने के लिए काफी है और कहानी में उत्सुकता बढ़ाता है।
चारों तरफ खून और घायल साथी, ऐसे में जब वो फोन के पर्दे पर उस शक्तिशाली सांप को देखते हैं, तो माहौल में तनाव साफ झलकता है। सफेद बालों वाली लड़की की बातें बताती हैं कि वो भी ऐसा ही बंधा हुआ प्राणी चाहती थी। कहानी में यह मोड़ बहुत अच्छा लगा। हर किसी के चेहरे पर हैरानी थी। यह नाटक देखने में बहुत मज़ा आ रहा है और आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। सबके जख्म गहरे हैं।
जब वो विशाल काला और सुनहरा नाग सामने आता है, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। राहुल कपूर अब पूरे नागदेश के नायक बन चुके हैं, यह सुनकर गर्व महसूस होता है। उसकी आँखों में जो चमक है, वो बताती है कि वो साधारण नहीं है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में इस पात्र की बनावट बहुत ही शानदार बनाई गई है। बाहर के लोग उसे राष्ट्र-रक्षक दिव्य प्राणी कह रहे हैं, जो उसकी ताकत को बताता है। यह रूप भयानक है।
नाग की बातें सुनकर लगता है कि उसे अभी संतोष नहीं हुआ है। वो कहता है कि असली कयामत अभी आई नहीं और इतनी ताकत बहुत कम है। यह संवाद बताता है कि आगे की लड़ाई और भी भयानक होने वाली है। उसकी भूख सिर्फ खाने की नहीं, बल्कि और शक्तिशाली शिकार की है। यह जुनून दर्शकों को भी जोश से भर देता है। कहानी का यह हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावशाली लगा। सब हैरान हैं।
भूरे बालों वाली लड़की का व्यवहार बहुत रहस्यमयी है। वो नाग की बातों को पहले से ही जानती लगती है। जब वो कहती है कि देश ने तुम्हारे लिए जश्न की दावत सजा रखी है, तो पीछे का मतलब कुछ और ही निकलकर आता है। उसकी मुस्कान में एक अलग ही चालाकी है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में इस रिश्ते को दिखाया गया तरीका बहुत ही अनोखा है। वो उसे गोदाम में ले जाती है। यह राज खुलना बाकी है।
जब बड़े दरवाजे खुलते हैं और अंदर का नज़ारा सामने आता है, तो सन्न रह जाते हैं। वहां मरे हुए राक्षसों का ढेर लगा हुआ है। यह वो दावत है जिसका वादा किया गया था। नाग की खुशी देखकर लगता है कि उसे अपनी पसंद का खाना मिल गया है। यह दृश्य थोड़ा डरावना लेकिन बहुत ही शक्तिशाली है। ऐसे सीन कहानी की गहराई को बढ़ाते हैं और दर्शकों को हैरान कर देते हैं। माहौल गंभीर है।
इस दृश्यचित्र की गुणवत्ता बहुत ही शानदार है। भविष्य के शहर से लेकर हरे भरे मैदान और फिर अंधेरे गोदाम तक, हर जगह का माहौल अलग है। रोशनी का इस्तेमाल बहुत अच्छे से किया गया है। खासकर जब नाग की आँखें चमकती हैं, तो पर्दे पर एक अलग ही जादू होता है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में तकनीकी पक्ष बहुत मजबूत है। यह देखने में एक सिनेमाई अनुभव जैसा लगता है। रंग बहुत गहरे हैं।
कहानी में संवाद बहुत ही भारी और असरदार हैं। जब नाग कहता है कि उसे और ज़्यादा ताकतवर शिकार चाहिए, तो उसकी आवाज़ में दम होता है। वहीं लड़की का जवाब भी बहुत सटीक है। वो कहती है कि उसे पता था तुम यही बोलोगे। यह बातचीत पात्रों के बीच की समझ को दिखाती है। ऐसे संवाद कहानी को आगे बढ़ाते हैं और दर्शकों को बांधे रखते हैं। यह बहुत ही बढ़िया लिखा गया है।
लड़की कहती है कि राहुल कपूर जी भरकर खाओ और पहले से भी ताकतवर बनो। यह साफ है कि वो उसे किसी बड़ी लड़ाई के लिए तैयार कर रही है। नाग का हंसना और कयामत को चुनौती देना बताता है कि वो तैयार है। यह अंत बहुत ही जोशिला है। अब दर्शक यही देखना चाहेंगे कि वो किससे लड़ेगा। कहानी का यह मोड़ बहुत ही रोमांचक है और आगे की उम्मीदें बढ़ाता है। सब इंतज़ार करेंगे।
पूरा दृश्य देखने के बाद लगता है कि यह कहानी आगे बहुत बड़ा रूप लेने वाली है। घायल सैनिकों से लेकर नाग की ताकत तक, हर चीज़ जुड़ी हुई है। (डबिंग) साँप की शुरुआत ने एक नई दुनिया का दरवाजा खोला है। पात्रों की बनावट और कहानी की रफ़्तार बहुत संतुलित है। अगर आपको काल्पनिक और रोमांच पसंद है, तो यह जरूर देखना चाहिए। यह एक बेहतरीन शुरुआत है। मज़ा आ गया।