इस भाग में जनरल विक्रम का गुस्सा साफ़ दिख रहा है। सफेद शर्ट वाले शख्स की हिम्मत देखकर हैरानी हुई। उसने मेहता परिवार का नाम लेकर धमकी दी। डबिंग साँप की शुरुआत में ऐसा लगता है कि कोई बड़ी साजिश चल रही है। सैनिकों का आना और गिरफ्तारी का आदेश नाटक को बढ़ाता है। संवाद बहुत तेज़ हैं और हर बातचीत में तनाव है। दर्शक को बिल्कुल बांधे रखता है यह दृश्य।
कहानी में मेहता परिवार का जिक्र बार बार आ रहा है। करन मेहता की मौत का बदला लेने की बात हो रही है। सफेद शर्ट वाला शख्स खुद को बहुत ताकतवर समझ रहा है। डबिंग साँप की शुरुआत में यह संघर्ष बहुत दिलचस्प है। जनरल विक्रम चुनौती स्वीकार करते हैं। पृष्ठभूमि संगीत और रोशनी ने माहौल बनाया। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
उस शख्स ने सांप को बांधने की बात कही वरना लाश बचने का इशारा किया। यह धमकी जनरल विक्रम को बिल्कुल पसंद नहीं आई। डबिंग साँप की शुरुआत में ऐसे मोड़ आते हैं जो रोंगटे खड़े कर दें। काले कवच वाले सैनिकों के प्रवेश ने तनाव बढ़ा दिया। देशद्रोह का आरोप लगना कहानी को गंभीर बनाता है। चित्रण शैली भी काफी आधुनिक और साफ़ है।
पहले वह मुस्कुरा रहा था फिर अचानक गुस्से में आ गया। जब जनरल ने गिरफ्तारी का आदेश दिया तो उसका चेहरा बदल गया। डबिंग साँप की शुरुआत में किरदारों के भाव बहुत अच्छे दिखाए गए हैं। निषिद्ध क्षेत्र में घुसपैठ का आरोप लगना बड़ा कथानक बिंदु है। वार्तालाप की रफ़्तार बहुत तेज़ है। दर्शक को हर पल कुछ नया पता चलता है।
जब जनरल विक्रम चिल्लाए तो स्क्रीन हिल गई लगता है। उन्होंने साफ़ कर दिया कि कोई बहस नहीं होगी। डबिंग साँप की शुरुआत में अधिकार का यह रूप देखने लायक है। देव पशु को मारने की साजिश का जिक्र रहस्य बढ़ाता है। सैनिकों की तैनाती से लगता है अब कार्रवाई शुरू होगी। संवादों की प्रस्तुति में दम है।
सब लोग उस सांप की बात कर रहे हैं पर वह है क्या कोई नहीं बता रहा। शायद यह कोई इंसान है या कोई ताकत। डबिंग साँप की शुरुआत में यह पहेली सबसे बड़ी है। गोविंद मेहता और करन मेहता के रिश्ते का जिक्र आया। परिवार की दुश्मनी अब सामने आ गई है। सेट रचना बहुत भविष्यवादी है। नीली रोशनी ने माहौल बनाया।
अंत में जनरल ने गिरफ्तारी का आदेश दिया और विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी। यह दृश्य बहुत तीव्र था। डबिंग साँप की शुरुआत में कार्रवाई की झलक मिलती है। सफेद शर्ट वाले शख्स के पास अब बचने का कोई रास्ता नहीं बचा। सैनिकों ने चारों तरफ घेर लिया। अंत बहुत रोचक है। अगला भाग कब आएगा।
सफेद शर्ट वाले को मेहता परिवार की ताकत पर बहुत घमंड है। वह जनरल को भी नहीं डर रहा था शुरू में। डबिंग साँप की शुरुआत में शक्ति का संतुलन बहुत दिलचस्प है। जनरल विक्रम ने दिखा दिया कि असली ताकत किसके पास है। संवादों में हिंदी का प्रयोग बहुत स्वाभाविक है। आवाज़ की गुणवत्ता भी काफी अच्छी लगी।
सैन्य आदेशों का उल्लंघन करना कोई छोटी बात नहीं है। इस शख्स को पता था कि वह जोखिम ले रहा है। डबिंग साँप की शुरुआत में यह हिम्मत क्यों है यह जानना जरूरी है। शायद उसे अपनी जान की परवाह नहीं है। देश की नींव हिलाने का आरोप बहुत गंभीर है। सैन्य अदालत की बात हो रही है।
इस वीडियो की दृश्य गुणवत्ता बहुत उच्च है। काली दीवारें और सफेद फर्श विरोधाभास बनाते हैं। डबिंग साँप की शुरुआत में हर दृश्य बहुत साफ़ है। किरदारों के चेहरे के भाव चित्रित होकर भी असली लगते हैं। जनरल की वर्दी और सैनिकों का कवच विस्तृत है। देखने में बहुत बढ़िया अनुभव आता है।