उस विशाल सांप को देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं, फिर भी वह इतना शांत कैसे बैठ सकता है? सैनिकों के हथियार तने हुए हैं लेकिन उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ही इतना रोमांच मिल रहा है कि आगे क्या होगा सोचकर ही दिमाग घूम रहा है। यह जीव साधारण नहीं लग रहा।
लाल बालों वाला लड़का काफी बहादुर है, उसने सबको गोली चलाने से मना कर दिया। उसे इस सांप पर भरोसा है जो बाकी लोगों को समझ नहीं आ रहा। चित्रण की गुणवत्ता भी जबरदस्त है और कहानी में एक अलग ही जादू है। (डबिंग) साँप की शुरुआत देखकर लग रहा है कि यह सांप कोई साधारण जानवर नहीं बल्कि किसी कार्य का हिस्सा है।
जनरल के कार्यालय का दृश्य बहुत ही दमदार है, वहां की तकनीक देखकर भविष्य की झलक मिलती है। दो जनरलों की बातचीत से पता चलता है कि युद्ध खत्म हो गया है लेकिन असली खेल अब शुरू हुआ है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे मोड़ मिलना आम बात हो गई है। मुझे यह राजनीति वाला हिस्सा काफी पसंद आया।
वह बूढ़ा जनरल जिसने चश्मा लगाया है, उसकी प्रतिक्रिया देखकर हंसी आ गई। उसे सांप से पूछताछ करने को कहा गया तो वह हैरान रह गया। जीवन भर मुजरिमों से पूछताछ की और अब एक सांप से? (डबिंग) साँप की शुरुआत में हास्य और रोमांच का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिल रहा है। यह दृश्य यादगार बन गया।
शहर का नज़ारा बहुत ही भव्य है, ऊंची इमारतें और उड़ते हुए जहाज सब कुछ बहुत आधुनिक लग रहा है। ऐसे माहौल में जब एक प्राचीन सांप आ जाता है तो टकराव तो होना ही है। (डबिंग) साँप की शुरुआत की दुनिया की रचना पर टीम ने काफी मेहनत की है। हर छवि में एक नई जानकारी मिलती है जो कहानी को आगे बढ़ाती है।
लड़की ने कहा कि वह नुकसान नहीं पहुंचाएगा, उसकी आवाज़ में एक अजीब सा भरोसा था। शायद उसे इस सांप की शक्तियों के बारे में सब कुछ पता है। बाकी लोग डरे हुए हैं बस वही शांत है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में पात्रों के बीच का यह रिश्ता काफी दिलचस्प लग रहा है। मुझे जानना है कि आखिर यह सांप है क्या बला।
अजय वर्मा को जो आदेश मिला वह गुप्त था, इससे कहानी में रहस्य बढ़ गया है। जनरल विक्रम का नाम सुनकर सब सतर्क हो जाते हैं। ऐसे में जब सामने सांप आता है तो हैरानी होना लाजमी है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में हर मोड़ पर एक नया रहस्य खुलता है। दर्शक के रूप में मैं इस रहस्य को सुलझाने के लिए बेताब हूं।
सांप की आंखें इंसानों जैसी हैं, उसमें समझदारी साफ झलक रही है। वह सिर्फ एक जानवर नहीं बल्कि एक बुद्धिमान प्राणी लगता है जो सबकी बात सुन रहा है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे पात्रों को दिखाना बहुत बड़ी बात है। विशेष प्रभाव और डिजाइन इतना असली लगता है कि डर भी लगता है और प्यार भी।
जब जनरल ने यंत्र पर सांप की फोटो देखी तो उनके होश उड़ गए। उन्हें लगा था कोई इंसान नायक है पर असली नायक तो यह सांप निकला। यह मोड़ किसी को भी हैरान कर सकता है। (डबिंग) साँप की शुरुआत की कहानी लेखन बहुत मजबूत है। ऐसे कहानी के मोड़ दर्शकों को बांधे रखते हैं और अंत तक देखने पर मजबूर करते हैं।
पूछताछ वाले दृश्य में जो संवाद बाजी हुई वह कमाल की थी। एक तरफ अनुभवी जनरल और दूसरी तरफ एक सांप, यह स्थिति ही बहुत विचित्र है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे हल्के फुल्के पल भी हैं जो गंभीर माहौल को हल्का करते हैं। मुझे यह कार्यक्रम बहुत पसंद आ रहा है और मैं अगली कड़ी देखने के लिए इंतजार कर रहा हूं।