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नकली का 250, असली का खेलवां2एपिसोड

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नकली का 250, असली का खेल

रणवीर मेहता, मेहता ग्रुप का असली बेटा, बिछड़ने के बाद घर लौटता है। वह परिवार के लिए जान लगा देता है और कंपनी को सालाना तीस हज़ार करोड़ दिलाता है, लेकिन सालाना जश्न पर नकली बेटा सिद्धांत उसे सिर्फ 250 युआन का बोनस देकर बेइज्जत करता है और उसके अपने माता-पिता व बहन भी नकली का साथ देते हैं। अब रणवीर का धैर्य टूट चुका है, वह घर छोड़कर मेहता ग्रुप को सबक सिखाने की तैयारी करता है। क्या रणवीर अपने ही परिवार को हरा पाएगा? और यह लड़ाई कहाँ तक जाएगी?
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इस एपिसोड की समीक्षा

ऑफिस का सच

सफेद सूट वाले लड़के की आंखों में उदासी साफ दिख रही थी जब वह अपना सामान पैक कर रहा था। बॉस की मुस्कान देखकर लगता है कि उसे निकालना आसान था। लेकिन कहानी में ट्विस्ट आना बाकी है। नकली का २५०, असली का खेल में ऐसे सीन दिल को छू लेते हैं। ऑफिस की राजनीति कितनी गंदी हो सकती है, यह देखकर हैरानी होती है। सबकी नजरें उस पर थीं। वह चुपचाप सब सह रहा था।

लाल ड्रेस का वार

लाल ड्रेस वाली महिला की एंट्री ने सबका खेल बदल दिया। उसकी चमकती हुई बालियां और आत्मविश्वास देखकर लगता है कि असली मालिक वही है। चश्मे वाले बॉस का चेहरा उतर गया था। नकली का २५०, असली का खेल की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। अब देखना है कि वह सफेद सूट वाले की मदद करेगी या नहीं। बहुत रोमांचक लग रहा है। यह पल सिनेमा जैसा था।

अजीब गिफ्ट

ऑफिस में तेल और चावल का गिफ्ट देना बहुत अजीब लगा। क्या यह विदाई थी या मजाक? हल्के नीले सूट वाले लड़के की हरकतें संदिग्ध थीं। नकली का २५०, असली का खेल में ऐसे छोटे विवरण बहुत मायने रखते हैं। सफेद सूट वाले ने बिना कुछ कहे सब सहन किया। यह चुप्पी शोर से ज्यादा तेज थी। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया। उसकी खामोशी बोल रही थी।

शेर और शिकार

दोस्तों, यह सीन देखकर मेरी रूह कांप गई। जब बॉस ने उसकी तरफ देखा, तो लगा जैसे शेर शिकार को देख रहा हो। नकली का २५०, असली का खेल में पावर डायनामिक्स बहुत अच्छे दिखाए गए हैं। सफेद सूट वाले लड़के ने अपना काम का बैज नहीं उतारा, बस चुपचाप चला गया। यह गरिमा किसी हीरो से कम नहीं थी। बहुत शानदार एक्टिंग थी। दर्शक के रूप में मैं हैरान हूं।

राजकुमारी की चाल

बीज रंग के सूट वाली महिला की वॉक देखने लायक थी। वह किसी राजकुमारी की तरह चल रही थी। ऑफिस का माहौल बहुत तनावपूर्ण था। नकली का २५०, असली का खेल में हर किरदार की अपनी कहानी है। कंप्यूटर स्क्रीन पर रिजाइनेशन लेटर देखकर दुख हुआ। क्या उसे जाना ही था? यह सवाल मन में बना हुआ है। अगला एपिसोड कब आएगा। मुझे इंतजार है।

बॉस की चालाकी

चश्मे वाले बॉस की आंखों में चालाकी साफ झलक रही थी। उसने सोचा था कि सब खत्म हो गया, लेकिन उसे गलतफहमी थी। नकली का २५०, असली का खेल की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत है। जब लाल ड्रेस वाली आई, तो सबकी सांसें रुक गईं। यह पल सिनेमा जैसा था। ऑफिस ड्रामा देखने का यह सबसे अच्छा तरीका है। मुझे यह शो बहुत पसंद आ रहा है। कहानी में जान है।

कांपते हाथ

कार्टून में सामान रखते हुए उसके हाथ कांप रहे थे। क्या वह डरा हुआ था या गुस्से में था? नकली का २५०, असली का खेल में इमोशन को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। सहकर्मियों की फुसफुसाहट पीछे सुनाई दे रही थी। यह अकेलापन बहुत दर्दनाक लग रहा था। लेकिन अंत में जो हुआ, उसने सब बदल दिया। कहानी में जान है। यह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

रियल सेटिंग

यह ऑफिस सेटिंग बहुत रियल लगती है। डेस्क, कंप्यूटर और फाइलें सब जगह पर हैं। नकली का २५०, असली का खेल में प्रोडक्शन वैल्यू अच्छी है। सफेद सूट वाले लड़के की टाई और बैज भी परफेक्ट थे। जब वह खड़ा हुआ, तो लगा कि वह हार नहीं मानेगा। यह उम्मीद दर्शकों को बांधे रखती है। मुझे अगला पार्ट देखने की जल्दी है। सेट डिजाइन बहुत अच्छा है।

निर्णय की घड़ी

रिजाइनेशन लेटर टाइप करते वक्त उसकी उंगलियां रुक रही थीं। शायद वह सोच रहा था कि क्या यह सही है। नकली का २५०, असली का खेल में निर्णय लेने की क्षमता दिखाई गई है। बॉस के पास खड़े होकर बात करना आसान नहीं होता। लेकिन उसने हिम्मत दिखाई। यह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। काम की जगह इज्जत मिलनी चाहिए। यह संदेश महत्वपूर्ण है।

क्लाइमेक्स वॉक

अंत में जो चमकदार बेल्ट वाली महिला आई, उसने सबका ध्यान खींच लिया। उसकी हील की आवाज भी धमकी लग रही थी। नकली का २५०, असली का खेल में क्लाइमेक्स बहुत तगड़ा है। सफेद सूट वाले की तरफ देखकर उसने क्या इशारा किया? यह पहेली सुलझनी बाकी है। दर्शक के रूप में मैं हैरान हूं। यह शो निराश नहीं करता है। अगला भाग देखना चाहता हूं।