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नकली का 250, असली का खेलवां38एपिसोड

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नकली का 250, असली का खेल

रणवीर मेहता, मेहता ग्रुप का असली बेटा, बिछड़ने के बाद घर लौटता है। वह परिवार के लिए जान लगा देता है और कंपनी को सालाना तीस हज़ार करोड़ दिलाता है, लेकिन सालाना जश्न पर नकली बेटा सिद्धांत उसे सिर्फ 250 युआन का बोनस देकर बेइज्जत करता है और उसके अपने माता-पिता व बहन भी नकली का साथ देते हैं। अब रणवीर का धैर्य टूट चुका है, वह घर छोड़कर मेहता ग्रुप को सबक सिखाने की तैयारी करता है। क्या रणवीर अपने ही परिवार को हरा पाएगा? और यह लड़ाई कहाँ तक जाएगी?
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इस एपिसोड की समीक्षा

गुस्से से भरी आंखें

ग्रे सूट वाली महिला की आंखों में गुस्सा और आंसू साफ दिख रहे हैं। ब्राउन कोट वाले व्यक्ति की हरकतें बहुत घमंडी और अहंकारी लग रही हैं। ऐसा लगता है कि किसी बड़े धोखे का पर्दाफाश होने वाला है। इस नाटक में हर किरदार का अपना स्वार्थ और मकसद है। नकली का २५०, असली का खेल देखकर लगता है कि असली चेहरा जल्दी सामने आएगा। कौन जीतेगा यह जंग? सबकी सांसें रुकी हुई हैं।

शांत महिला का राज

सफेद गाउन वाली महिला बहुत शांत खड़ी है, जबकि вокруг हंगामा मचा हुआ है। शायद वह सब कुछ पहले से जानती है और योजना बना रही है। कागजात उठाने वाला दृश्य बहुत महत्वपूर्ण और गंभीर लग रहा है। क्या इसमें कोई सबूत है? कहानी में बहुत मोड़ हैं। नकली का २५०, असली का खेल की कहानी बहुत रोचक मोड़ ले रही है। अगला भाग कब आएगा? सब इंतजार कर रहे हैं।

चालाक मुस्कान

ब्राउन कोट वाले आदमी की मुस्कान में बहुत चालाकी और धोखा है। वह उंगली उठाकर किसी को आरोपित कर रहा है और डरा रहा है। ग्रे सूट वाली महिला हैरान और सहमी हुई है। माहौल बहुत तनावपूर्ण और डरावना है। सभा कक्ष में यह लड़ाई देखने लायक और रोमांचक है। नकली का २५०, असली का खेल में शक्ति का खेल साफ दिख रहा है। कौन असली मालिक है? सब हैरान हैं।

बुजुर्ग का बदलाव

हरी सूट वाले बुजुर्ग व्यक्ति के चेहरे के भाव तेजी से बदल रहे हैं। पहले वे खुश थे, फिर अचानक गंभीर हो गए। शायद उन्हें सच्चाई का पता चल गया है। हाथ मिलाने के पीछे की कहानी क्या है? यह शो बहुत गहराई से काम कर रहा है और सोचने पर मजबूर करता है। नकली का २५०, असली का खेल देखकर मन में कई सवाल उठ रहे हैं। रहस्य बना हुआ है। आगे क्या होगा?

बिगड़ा हुआ उत्सव

फर्श पर कन्फेटी बिखरी है, मतलब कोई उत्सव था जो अचानक बिगड़ गया। सभी के कपड़े बहुत महंगे और सजीले लग रहे हैं। धनवानों की इस दुनिया में संघर्ष देखने को मिल रहा है। हर कोई किसी न किसी से नफरत कर रहा है और लड़ रहा है। नकली का २५०, असली का खेल में रिश्तों की डोर टूटती दिख रही है। बहुत ही नाटकीय और भावनात्मक दृश्य है। दिल दहल गया।

चुपचाप देखने वाला

युवक जो काले सूट में है, वह बहुत चिंतित और परेशान लग रहा है। वह बीच में बचाने की कोशिश कर रहा है या चुपचाप सब देख रहा है? उसकी चुप्पी भी शोर मचा रही है और कहानी कह रही है। कहानी की रफ्तार बहुत तेज और रोमांचक है। नकली का २५०, असली का खेल में हर पल नया खुलासा हो रहा है। दर्शक बंधे हुए हैं। कोई हिल नहीं पा रहा।

टूटता विश्वास

पॉल्का डॉट स्कार्फ वाली महिला की हालत बहुत खराब और दयनीय है। उसे विश्वास नहीं हो रहा कि यह सब उसके साथ हो रहा है। सामने वाला व्यक्ति उसे धमका रहा है और डरा रहा है। यह मानसिक प्रताड़ना बहुत बुरी और तकलीफदेह लग रही है। नकली का २५०, असली का खेल में भावनात्मक पक्ष बहुत मजबूत और असरदार है। रोना आ रहा है देखकर। बहुत दुख हुआ।

कैमरे का कमाल

कैमरा कोण बहुत अच्छे और व्यावसायिक हैं, हर चेहरे का भाव कैप्चर किया गया है। पृष्ठभूमि में खड़े लोग भी हैरान और चौंक रहे हैं। भीड़ की प्रतिक्रिया भी मायने रखती है और माहौल बनाती है। माहौल में डर और हैरानी साफ झलक रही है। नकली का २५०, असली का खेल की निर्माण गुणवत्ता शानदार और बेमिसाल है। सिनेमा जैसा अनुभव मिल रहा है। मजा आ गया।

अधूरा सस्पेंस

अंत में जो लिखावट आई, उसने तो और भी उत्सुकता और बेचैनी बढ़ा दी। अधूरा रह गया सब कुछ और जानना चाहते हैं। अब क्या होगा? क्या बदला लिया जाएगा? इंतजार करना मुश्किल और कठिन हो रहा है। नकली का २५०, असली का खेल का अंत बहुत तगड़ा और धमाकेदार है। जल्दी अगला भाग चाहिए और देखना है। सब पूछ रहे हैं।

इज्जत का सवाल

यह सिर्फ एक कार्यालय की लड़ाई नहीं, यह इज्जत और अहंकार का सवाल है। हर संवाद में वजन और गहराई है। अभिनय बहुत स्वाभाविक और दमदार लग रहा है। कोई भी किरदार व्यर्थ नहीं है और सब जरूरी हैं। नकली का २५०, असली का खेल ने उम्मीदों से ज्यादा मनोरंजन और मजा किया है। जरूर देखना चाहिए और सबको बताना है। बहुत पसंद आया।