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नकली का 250, असली का खेलवां18एपिसोड

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नकली का 250, असली का खेल

रणवीर मेहता, मेहता ग्रुप का असली बेटा, बिछड़ने के बाद घर लौटता है। वह परिवार के लिए जान लगा देता है और कंपनी को सालाना तीस हज़ार करोड़ दिलाता है, लेकिन सालाना जश्न पर नकली बेटा सिद्धांत उसे सिर्फ 250 युआन का बोनस देकर बेइज्जत करता है और उसके अपने माता-पिता व बहन भी नकली का साथ देते हैं। अब रणवीर का धैर्य टूट चुका है, वह घर छोड़कर मेहता ग्रुप को सबक सिखाने की तैयारी करता है। क्या रणवीर अपने ही परिवार को हरा पाएगा? और यह लड़ाई कहाँ तक जाएगी?
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इस एपिसोड की समीक्षा

सफेद सूट वाला राज

सफेद सूट वाले शख्स की आंखों में एक अलग ही चमक है, जैसे वो सब जानता हो। रेस्टोरेंट का माहौल तनावपूर्ण है लेकिन वो शांत बैठे हैं। लाल मखमली पोशाक वाली महिला का रवैया बहुत आक्रामक है। कहानी में जो मोड़ आते हैं वो दिलचस्प हैं। नकली का २५०, असली का खेल देखते वक्त लगा कि मैं भी उस टेबल पर बैठी हूं। हर डायलॉग में छिपा है कोई राज।

पोशाक और हैसियत

कपड़ों का चयन और सेटिंग बहुत शानदार है। हर किरदार की पोशाक उनकी हैसियत बताती है। चश्मे वाला शख्स कुछ छिपा रहा है, उसके हावभाव संदेह पैदा करते हैं। पैटेंट लॉन्च इवेंट वाला सीन बहुत ग्रैंड था। नकली का २५०, असली का खेल में दिखाया गया कारोबारी प्रतिद्वंद्विता असली लगता है। वाइन के गिलास टकराने की आवाज़ भी कहानी कहती है।

सन्नाटे की एंट्री

जब सफेद जैकेट वाला शख्स एंट्री लेता है, तो कमरे में सन्नाटा छा जाता है। सबकी नज़रें उस पर टिक जाती हैं। ये पल बहुत ड्रामेटिक था। बीज रंग के सूट वाले शख्स की चिंता साफ दिख रही थी। कहानी की रफ़्तार बहुत तेज़ है, बोरियत का नाम नहीं। नकली का २५०, असली का खेल का हर एपिसोड सस्पेंस पर खत्म होता है।

खामोश खतरा

बेज रंग की पोशाक वाली महिला चुपचाप सब देख रही है, शायद वो सबसे खतरनाक है। उसकी खामोशी शोर मचा रही है। लाइटिंग और कैमरा कोण बहुत अच्छे हैं। हर फ्रेम एक तस्वीर जैसा लगता है। नकली का २५०, असली का खेल में भावनाओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। मुझे ये किरदार बहुत पसंद आया।

पहेली का सफर

रेस्टोरेंट से इवेंट हॉल तक का सफर बहुत सरल था। कहानी में कोई फाल्तू सीन नहीं है। चश्मे वाले शख्स की स्माइल के पीछे कोई चाल है। सस्पेंस बना हुआ है कि आखिर असली मालिक कौन है। नकली का २५०, असली का खेल देखकर लगा कि ये सिर्फ ड्रामा नहीं, एक पहेली है। मैं अगला पार्ट देखने के लिए बेताब हूं।

सुनहरी मुस्कान

सुनहरी पोशाक वाली महिला की एंट्री ने सबका ध्यान खींचा। उसकी मुस्कान के पीछे भी कोई मकसद है। दोस्तों के बीच की बातचीत में भी तनाव है। ये शो दोस्ती और दुश्मनी की लकीर मिटा देता है। नकली का २५०, असली का खेल की कहानी बहुत परतों वाली है। हर बार देखने पर कुछ नया पता चलता है। बहुत बढ़िया सामग्री है।

दमदार एक्टिंग

एक्टिंग इतनी नेचुरल है कि लगा असली ज़िंदगी का सीन है। सफेद सूट वाले शख्स का घमंड और गुस्सा दोनों दिखता है। डायलॉग डिलीवरी बहुत दमदार है। बैकग्राउंड म्यूजिक भी सीन के हिसाब से बदलता है। नकली का २५०, असली का खेल में निर्माण मूल्य बहुत उच्च है। ये शो समय बर्बाद नहीं करने देता।

भरोसे का खेल

काली पोशाक वाली महिला के गहने और लुक बहुत आकर्षक हैं। वो सफेद जैकेट वाले के साथ चलती है तो लगता है वो ताकतवर जोड़ी हैं। लेकिन भरोसा किस पर करें? सब धोखेबाज़ लगते हैं। नकली का २५०, असली का खेल में भरोसे की कमी ही मुख्य विषय है। मुझे ये अनसुलझी पहेली बहुत पसंद आ रही है।

कारोबारी राजनीति

बिजनेस मीटिंग हो या पार्टी, हर जगह राजनीति चल रही है। कागज़ात और पैटेंट की बातें कहानी को गहराई देती हैं। लाल पोशाक वाली महिला का गुस्सा देखने लायक है। नकली का २५०, असली का खेल में हर किरदार का अपना मकसद है। ये शो आपको सोचने पर मजबूर कर देता है कि सच क्या है।

गरमागरम अंत

अंत में जब सब एक साथ आए तो माहौल गरम हो गया। कौन जीतेगा और कौन हारेगा, ये कहना मुश्किल है। दृश्य बहुत साफ और सुंदर हैं। नकली का २५०, असली का खेल ने मेरी उम्मीदों से ज्यादा मनोरंजन किया। मैं इसे अपने दोस्तों को जरूर सुझाऊंगी। ऐसा सामग्री कम ही मिलता है।