बीज सूट वाली की पावर देख कर दंग रह गए मैं। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी जब उसने वो कागज़ टेबल पर रखा। लगता है बिज़नेस की दुनिया में अब खेल बदलने वाला है। नकली का २५०, असली का खेल में ऐसे ट्विस्ट्स ही तो पसंद हैं मुझे। सब लोग चुप चाप सुन रहे थे पर हवा में टेंशन साफ़ दिख रही थी। क्या वो असली मालिक है या कोई और खिलाड़ी है। देखने में मज़ा आ रहा है। हर एक्सप्रेशन में एक कहानी छुपी है जो अभी खुलनी बाकी है।
ब्राउन सूट वाले का एटीट्यूड सबसे खतरनाक लग रहा है। पहले फ़ोन पर हँस रहा था और अगले ही पल गुस्से में खड़ा हो गया। उसके चेहरे के हाव भाव बताते हैं कि वो कुछ छुपा रहा है। नकली का २५०, असली का खेल की कहानी में शायद वो ही विलेन हो। उसकी स्माइल के पीछे का मतलब समझना मुश्किल है। जब वो सोफ़े पर लेटा था तब भी दिमाग़ चल रहा था। अब देखना है कि वो अगला चाल कैसे चलता है। उसकी आँखों में चालाकी साफ़ दिख रही थी।
ब्लैक ड्रेस वाली की चिंता साफ़ दिख रही थी उसकी आँखों में। वो कुछ कहना चाहती थी पर शायद हिम्मत नहीं हुई। ऑफिस के उस माहौल में वो अकेली फील हो रही थी। नकली का २५०, असली का खेल में उसका किरदार बहुत इम्पोर्टेंट लग रहा है। क्या वो धोखा खाने वाली है या खेलने वाली। उसके ज्वेलरी और कपड़े बताते हैं वो अमीर घराने से है। पर अब वो मुसीबत में लग रही है। उसकी चुप्पी सब कुछ कह रही थी।
मीटिंग रूम का सीन बहुत ही इंटेंस था। सब लोग एक दूसरे को घूर रहे थे और कोई कुछ बोल नहीं रहा था। वो कागज़ टेबल पर रखा था जैसे कोई बम हो। नकली का २५०, असली का खेल में ऐसे मोमेंट्स ही दिल की धड़कन बढ़ा देते हैं। ब्लैक सूट वाले की घबराहट देख कर लगा कि सब कुछ प्लान के मुताबिक नहीं है। पावर डायनामिक्स का ये खेल बहुत तेज़ है। सबकी सांसें रुकी हुई थीं।
व्हाइट सूट वाले को देख कर लगा कि वो शॉक में है। उसके चश्मे के पीछे की आँखें बड़ी हो गई थीं। शायद उसे उम्मीद नहीं थी कि बात यहाँ तक आएगी। नकली का २५०, असली का खेल की प्लॉट में वो कहाँ फिट होता है ये अभी क्लियर नहीं है। वो ब्राउन सूट वाले का दोस्त है या दुश्मन। उसकी बॉडी लैंग्वेज बताती है वो बचाव में है। अब आगे क्या होगा ये जानना ज़रूरी है। वो हैरान था।
उस कॉन्ट्रैक्ट पर सबकी नज़र थी जो टेबल के बीच में रखा था। उस एक कागज़ ने सबकी किस्मत बदल दी लगता है। बीज सूट वाली ने बड़े कॉन्फिडेंस के साथ उसे स्लाइड किया। नकली का २५०, असली का खेल में बिज़नेस डील्स ही कहानी की रीढ़ की हड्डी हैं। किसके पास असली ताकत है ये अब समझ आ रहा है। सब लोग उस कागज़ को देख कर चुप हो गए थे। ये शुरुआत ही बहुत तेज़ थी। सब हैरान थे।
फ़ोन कॉल वाला सीन बहुत इंटरेस्टिंग था। ब्राउन सूट वाला कितना रिलैक्स्ड था पहले। फिर अचानक मूड चेंज हो गया जब वो दो लोग अंदर आए। नकली का २५०, असली का खेल में इमोशन्स का ये उतार चढ़ाव बहुत अच्छा लगा। उसने फ़ोन फेंका और गुस्से में खड़ा हो गया। लगता है उसका प्लान किसी ने खराब कर दिया। अब वो बदला कैसे लेगा ये देखने लायक है। गुस्सा साफ़ था।
लक्जरी ऑफिस और बड़े शहर के व्यूज़ ने कहानी को और भी ग्रैंड बना दिया है। इतने बड़े महलों में ये छोटे खेल खेलने में मज़ा है। नकली का २५०, असली का खेल की प्रोडक्शन क्वालिटी बहुत अच्छी लग रही है। हर कैरेक्टर के कपड़े उनकी पर्सनालिटी को दिखाते हैं। बीज सूट वाली बॉस लगती है और बाकी लोग उसके आगे छोटे लग रहे हैं। ये पावर गेम बहुत इंटरेस्टिंग है। सब सेट है।
सबसे ज़्यादा क्यूरियोसिटी है कि वो कॉन्ट्रैक्ट में लिखा क्या था। सबके चेहरे के रंग बदल गए थे उसे देख कर। क्या वो कोई पेटेंट था या कोई राज़। नकली का २५०, असली का खेल में हर सीन में एक नया राज़ खुलता है। ब्लैक सूट वाले ने उसे ध्यान से देखा पर कुछ बोला नहीं। शायद वो सब कुछ जानता था पहले से। ये सस्पेंस बना रहना चाहिए अंत तक। राज़ खुलेंगे।
अंत में जो कॉन्फ्रंटेशन हुआ वो बहुत तेज़ था। ब्राउन सूट वाला खड़ा हुआ और चिल्लाया सा लग रहा था। ब्लैक ड्रेस वाली चुप चाप खड़ी थी। नकली का २५०, असली का खेल का ये क्लाइमेक्स सीन बहुत यादगार होगा। लगता है अब सब कुछ खुल कर सामने आएगा। दोस्ती और दुश्मनी की लकीरें मिट रही हैं। अगला एपिसोड कब आएगा बस यही सोच रहा हूँ मैं। इंतज़ार है।