PreviousLater
Close

नकली का 250, असली का खेलवां15एपिसोड

2.0K2.0K

नकली का 250, असली का खेल

रणवीर मेहता, मेहता ग्रुप का असली बेटा, बिछड़ने के बाद घर लौटता है। वह परिवार के लिए जान लगा देता है और कंपनी को सालाना तीस हज़ार करोड़ दिलाता है, लेकिन सालाना जश्न पर नकली बेटा सिद्धांत उसे सिर्फ 250 युआन का बोनस देकर बेइज्जत करता है और उसके अपने माता-पिता व बहन भी नकली का साथ देते हैं। अब रणवीर का धैर्य टूट चुका है, वह घर छोड़कर मेहता ग्रुप को सबक सिखाने की तैयारी करता है। क्या रणवीर अपने ही परिवार को हरा पाएगा? और यह लड़ाई कहाँ तक जाएगी?
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

कार्यालय में हंगामा

कार्यालय के बीचोंबीच यह लड़ाई देखकर रोंगटे खड़े हो गए। सफेद पोशाक वाले लड़के के मुंह से खून बह रहा था और वह चुपचाप खड़ा था। वहीं लाल पोशाक वाली महिला हैरान थी। लगता है परिवार में कोई बड़ा धोखा हुआ है। नकली का २५०, असली का खेल देखकर समझ आया कि असली ताकत कौन है। बूढ़े दंपति की हालत देखकर तरस आया। यह दृश्य बहुत ही नाटकीय और भावनात्मक था।

गाड़ी वाली साजिश

गाड़ी के अंदर का सीन बहुत गहरा और रहस्यमयी था। बीज रंग के सूट वाली महिला ने कागजात सौंपे और फिर हाथ मिलाया। ऐसा लगा कि वे दोनों मिलकर कोई बड़ी चाल चलने वाले हैं। सफेद पोशाक वाला अब चोटिल नहीं लग रहा था। नकली का २५०, असली का खेल में ऐसे मोड़ उम्मीद से बाहर हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मजा ही अलग है। कहानी आगे बहुत रोचक होगी।

चश्मे वाला विलेन

नीले सूट और चश्मे वाला आदमी सबसे खतरनाक और चालाक लग रहा है। वह सब कुछ शांति से देख रहा था जैसे उसे सब पता हो। उसकी मुस्कान में छल और धोखा था। कार्यालय में सब रो रहे थे पर वह अडिग था। नकली का २५०, असली का खेल की कहानी में वह मुख्य विलेन हो सकता है। उसकी आंखों में चालाकी साफ दिख रही थी। बहुत ही बेहतरीन खलनायक का किरदार निभाया है।

लाल पोशाक का गुस्सा

लाल वेलवेट पोशाक वाली महिला का गुस्सा साफ झलक रहा था। उसके कानों की बालियां चमक रही थीं पर चेहरा गुस्से से तमतमा रहा था। उसे नहीं पता था कि ऐसा होगा। नकली का २५०, असली का खेल में हर किरदार का अपना राज है। उसकी आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों थे। बहुत ही बेहतरीन अभिनय था। उसकी प्रतिक्रिया देखकर लगता है कि उसे धोखा मिला है।

बूढ़े दंपति की पीड़ा

ग्रे सूट वाले पिता और बैंगनी साड़ी वाली मां की हालत देखकर दिल दुखी हो गया। वे दोनों कांप रहे थे और रो रहे थे। शायद उन्हें अपने बेटे पर गर्व नहीं बल्कि शर्मिंदगी हो रही थी। नकली का २५०, असली का खेल में परिवार के रिश्ते टूटते दिखे। उनकी आंखों में बेबसी साफ दिख रही थी। यह सीन बहुत इमोशनल और दिल को छू लेने वाला था।

बदलाव की हवा

कार्यालय से गाड़ी तक का सफर बहुत तेज और रोमांचक था। पहले लड़ाई थी और फिर शांति। सफेद पोशाक वाले ने अपनी चोट छिपा ली थी। अब वह किसी मिशन पर निकल पड़ा है। नकली का २५०, असली का खेल में गति बहुत तेज है। बीज रंग वाली महिला उसकी मदद कर रही है। अब आगे क्या होगा यह देखना बाकी है। कहानी में बहुत उतार चढ़ाव आने वाले हैं।

खून के निशान

सफेद पोशाक पर खून का निशान बहुत गहरा असर डालता है। यह सिर्फ चोट नहीं बल्कि विश्वासघात का सबूत है। उसने कुछ नहीं कहा पर उसकी आंखें सब बता रही थीं। नकली का २५०, असली का खेल में ऐसी दृश्य कथा बहुत पसंद आई। नेटशॉर्ट पर ऐसी सामग्री मिलना दुर्लभ है। बहुत ही दमदार सीन था। दर्शक को बांधे रखने की क्षमता है।

कागजात का राज

गाड़ी में जो कागजात दिए गए वे क्या थे? शायद कंपनी के कागज या कोई सबूत। बीज रंग वाली महिला बहुत स्मार्ट और चतुर लग रही थी। उसने बिना कुछ बोले सब समझा दिया। नकली का २५०, असली का खेल में हर चीज का मतलब है। उनकी मुलाकात सिर्फ एक शुरुआत है। आगे की कहानी बहुत रोचक और रहस्यमयी होगी। देखने वाले को सोचने पर मजबूर कर देता है।

चुप्पी का शोर

कार्यालय में सब चिल्ला रहे थे पर सफेद पोशाक वाला चुप था। उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। वह जानता था कि जीत उसकी होगी। नकली का २५०, असली का खेल में धैर्य की जीत दिखी। बाकी सब घबरा गए थे। उसकी आंखों में ठंडक थी। यह किरदार बहुत यादगार बन गया है। उसकी शांति ही उसकी ताकत थी। बहुत ही प्रभावशाली प्रदर्शन था।

अगला एपिसोड

यह दृश्य देखकर अगला एपिसोड देखने की बेचैनी बढ़ गई। क्या लाल पोशाक वाली पलटेगी? क्या चश्मे वाला पकड़ा जाएगा? नकली का २५०, असली का खेल का अंत बहुत तगड़ा है। बीज रंग वाली और सफेद पोशाक वाले की जोड़ी जम गई है। नेटशॉर्ट ऐप पर लगातार देखने का मजा आ रहा है। कहानी में अब और भी रोमांच आने वाला है।