नीली टीम के खिलाड़ी का रोना और टूटा हुआ चश्मा, हार की असली तस्वीर है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम ने दिखाया कि जीतने वाले ही नहीं, हारने वालों की कहानी भी उतनी ही दर्दनाक होती है। उस खिलाड़ी की आंखों में छलकता दर्द देखकर रूह कांप गई।
मैच खत्म होते ही रिपोर्टर और कैमरों का जमावड़ा लग गया। एनबीएन टीवी का माइक और फ्लैश की रोशनी में वह सफेद बालों वाला हीरो सबकी नजरों में था। पंचदीपा की फुटबॉल टीम की यह जीत सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रही, यह खबरों की सुर्खियां बन गई।
लाल जर्सी वाले खिलाड़ियों का आपस में गले मिलना और एक-दूसरे का सहारा बनना देखकर गर्व हुआ। पंचदीपा की फुटबॉल टीम ने साबित किया कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता। चोटिल खिलाड़ी भी मुस्कुरा रहे थे, क्योंकि वे जानते थे कि वे अकेले नहीं हैं।
सफेद कोट वाली वह महिला बालकनी से मैच देख रही थी, उसकी आंखों में कुछ और ही कहानी थी। शायद वह किसी खास खिलाड़ी को देख रही थी। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस सीन ने कहानी में एक नया मोड़ जोड़ दिया, सब कुछ इतना सिनेमैटिक लगा।
जब वह सफेद बालों वाला खिलाड़ी टूटा हुआ चश्मा उठाता है, तो लगता है जैसे वह किसी पुरानी याद को संभाल रहा हो। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस सीन में इतनी गहराई थी कि शब्द कम पड़ गए। वह चश्मा सिर्फ कांच नहीं, बल्कि इमोशन था।