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पंचदीपा की फुटबॉल टीम वां42एपिसोड

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पंचदीपा की फुटबॉल टीम

आर्यन कपूर एक 16 साल का फुटबॉल प्रोडिजी है, जिसकी ड्रिब्लिंग, फ्री-किक और पावर शॉट्स सबको चौंका देते हैं। लोग पंचदीपा की फुटबॉल को कम समझते हैं, लेकिन आर्यन अपने टैलेंट से सबको गलत साबित करने निकलता है। उसका लक्ष्य है पंचदीपा टीम को दुनिया के शिखर तक पहुंचाना।
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इस एपिसोड की समीक्षा

मेसी बनाम नया सुपरस्टार

अर्जेंटीना की जर्सी में मेसी का संघर्ष और विरोधी टीम के नंबर १० खिलाड़ी का आत्मविश्वास देखने लायक था। पंचदीपा की फुटबॉल टीम ने दिखाया कि कैसे एक नया हीरो उभर सकता है। सफेद बालों वाला खिलाड़ी जब गोल करता है, तो उसकी आंखों में जो चमक होती है, वो जीत की भूख को दर्शाती है। दोनों खिलाड़ियों का अंत में हाथ मिलाना खेल भावना की सबसे खूबसूरत मिसाल थी।

कमेंटेटर का जोश देखने लायक था

जब गोल हुआ, तो कमेंटेटर बॉक्स में बैठे उस शख्स का रिएक्शन कमाल का था। पसीने से तरबतर चेहरा और चश्मे के पीछे छुपी उत्तेजना साफ दिख रही थी। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस ड्रामेटिक मोड़ ने पूरे स्टेडियम को हिला दिया। स्कोरबोर्ड पर २-१ का स्कोर देखकर चीनी प्रशंसकों का जश्न मनाना और विरोधी टीम का निराश होना, हर इमोशन को बखूबी कैप्चर किया गया है।

भीड़ का पागलपन असली लगता है

स्टेडियम में बैठे दर्शकों के रिएक्शन्स ने इस मैच को और भी जीवंत बना दिया। लाल जर्सी पहने फैन्स का तनाव और फिर जीत के बाद पागलों जैसा जश्न। एक मसलमैन फैन तो अपनी शर्ट फाड़कर चीख रहा था, उसका जोश देखकर मेरी भी रूह कांप गई। पंचदीपा की फुटबॉल टीम ने सिर्फ मैच नहीं, बल्कि एक इमोशनल रोलरकोस्टर दिखाया है। हर चेहरे पर अलग कहानी लिखी थी।

गोलकीपर की हीरोइक सेव

हरे जर्सी वाले गोलकीपर ने जो डाइव लगाई, वो किसी एक्शन मूवी से कम नहीं थी। हवा में उड़ते हुए उसने बॉल को पकड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन गोल हो ही गया। उसके गिरने का एंगल और चेहरे पर दर्द और निराशा का मिश्रण दिल को छू गया। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस सीन में एनिमेशन की क्वालिटी शानदार है। गोल के बाद उसकी मुट्ठियां भींचना उसकी हार नहीं मानने की जिद को दर्शाता है।

सुनहरे बालों वाली लड़की का जश्न

लाल जर्सी पहनी उस सुंदर लड़की का रिएक्शन सबसे प्यारा था। पहले वो तनाव में थी, हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रही थी, लेकिन जब गोल हुआ, तो उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर मुस्कान थी। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस मैच ने साबित किया कि फुटबॉल सिर्फ मर्दों का खेल नहीं है। कन्फेटी के बीच उसका खुश होना और बालों का हवा में उड़ना एकदम सिनेमैटिक था।

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