ड्रेसिंग रूम में बैठे खिलाड़ियों के चेहरे पर तनाव और निराशा साफ दिख रही थी। कुछ सिर पकड़े बैठे थे तो कुछ तौलिए से पसीना पोंछ रहे थे। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के कोच ने उन्हें प्रेरित किया लेकिन मैदान पर प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। यह दृश्य टीम की मानसिक स्थिति को अच्छे से दिखाता है।
स्टेडियम में बैठे दर्शकों का उत्साह देखकर लगता था जैसे पूरा शहर एक साथ चीख रहा हो। लाल रंग की टी शर्ट पहने प्रशंसक ने अपने टीम का भरपूर समर्थन किया। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के हर गोल पर वे पागलों की तरह नाच उठे। यह दृश्य खेल के प्रति लोगों के प्यार को दर्शाता है।
कमेंटेटर ने जिस तरह से मैच का वर्णन किया वो अपने आप में एक कला थी। उसके चेहरे पर उत्साह और आवाज़ में जोश था। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के हर मूव पर वह चिल्ला उठता। दर्शक भी उसके साथ साथ चीखते रहे। यह दृश्य खेल के माहौल को और भी रोमांचक बना देता है।
खिलाड़ी के पैर पर चोट लगने के बाद डॉक्टर ने तुरंत स्प्रे किया। उसका चेहरा दर्द से तना हुआ था लेकिन टीम के साथी ने उसे हिम्मत दी। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के मेडिकल स्टाफ ने त्वरित कार्रवाई की। यह दृश्य खेल में चोटों की गंभीरता और उपचार की आवश्यकता को दिखाता है।
पेनल्टी किक के समय पूरा स्टेडियम सांस रोके देख रहा था। खिलाड़ी ने गेंद पर पैर रखा और गोलकीपर तैयार खड़ा था। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के लिए यह क्षण निर्णायक था। गेंद हवा में उड़ी और गोलकीपर ने छलांग लगाई। यह दृश्य खेल के सबसे रोमांचक पलों में से एक है।