ब्लॉन्ड महिला की आंखों में जब आंसू आए, तो स्क्रीन देख रहे हर किसी का दिल पसीज गया। उसका रोना सिर्फ दर्द नहीं, बल्कि एक टूटे हुए सपने का मातम था। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के स्टार के लिए करियर खत्म होने का डर साफ झलक रहा था। एनिमेशन स्टाइल में इतनी गहरी भावनाएं दिखाना सच में कमाल की बात है।
सफेद बालों वाला खिलाड़ी जब बिस्तर पर लेटा था, तो उसकी आंखों में हार नहीं, बस एक अजीब सी खामोशी थी। उस महिला का उसके पास बैठकर रोना और फिर उसका हाथ थामना, यह सीन देखकर यकीन हो गया कि प्यार और साथ ही सबसे बड़ी दवा है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम की कहानी में यह मोड़ बहुत इमोशनल था।
गलियारे में सिगरेट पीता हुआ कोच देखकर लगा कि वह बाहर से सख्त है, लेकिन अंदर से टूट चुका है। फोन पर कॉल आते ही उसका चेहरा बदल गया। शायद उसे एहसास हो गया कि पंचदीपा की फुटबॉल टीम का भविष्य अब अनिश्चित है। उसकी आंखों में निराशा और गुस्सा दोनों साफ दिख रहे थे।
डॉक्टर जब एक्स रे फिल्म को लाइट के सामने रखकर उंगली से दरार दिखा रहा था, तो उस पल की गंभीरता महसूस की जा सकती थी। हड्डी का टूटना सिर्फ शारीरिक चोट नहीं, बल्कि एक एथलीट के करियर पर ग्रहण है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं थी। विजुअल स्टोरीटेलिंग बहुत शानदार है।
जब वह महिला रोते रोते खिलाड़ी के गले लग गई, तो लगा जैसे समय थम गया हो। उस पल में कोई डायलॉग नहीं था, बस आंसू और एक दूसरे का सहारा था। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस मुश्किल वक्त में यह सीन दर्शाता है कि रिश्ते ही असली ताकत होते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन्स देखना सुकून देता है।