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पंचदीपा की फुटबॉल टीम वां29एपिसोड

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पंचदीपा की फुटबॉल टीम

आर्यन कपूर एक 16 साल का फुटबॉल प्रोडिजी है, जिसकी ड्रिब्लिंग, फ्री-किक और पावर शॉट्स सबको चौंका देते हैं। लोग पंचदीपा की फुटबॉल को कम समझते हैं, लेकिन आर्यन अपने टैलेंट से सबको गलत साबित करने निकलता है। उसका लक्ष्य है पंचदीपा टीम को दुनिया के शिखर तक पहुंचाना।
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इस एपिसोड की समीक्षा

कोच की सख्ती का असर

रात के समय कोच का व्हिसल बजना और खिलाड़ियों का डर के मारे कांपना। सफेद बालों वाले कोच की आंखों में एक अलग ही चमक है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के लिए यह ट्रेनिंग सिर्फ शारीरिक नहीं, मानसिक भी है। अंधेरे में भी वे हार नहीं मानते। नेटशॉर्ट पर यह सीन देखकर लगता है कि अनुशासन ही सफलता की चाबी है।

अंधेरे में भी चमक

आंखों पर पट्टी बांधकर फुटबॉल खेलना कोई मजाक नहीं है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के खिलाड़ी बिना देखे भी गोल कर देते हैं। यह सीन दिखाता है कि अगर इरादे मजबूत हों तो अंधेरा भी रास्ता दे देता है। नेटशॉर्ट पर यह दृश्य देखकर दिल में जोश आ गया। हर खिलाड़ी एक सुपरहीरो लग रहा था।

जीत का जश्न

गोल होने के बाद पूरी टीम का एक दूसरे को गले लगाना और खुशी से चिल्लाना। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों की आंखों में आंसू और चेहरे पर मुस्कान। यह सिर्फ एक गोल नहीं, उनकी मेहनत की जीत है। नेटशॉर्ट पर यह सीन देखकर लगता है कि हर संघर्ष का फल मीठा होता है। जश्न मनाने का यह अंदाज दिल को छू गया।

पहाड़ों की ओर

सुबह की रोशनी में पहाड़ों की ओर देखते हुए कोच का इशारा करना। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के खिलाड़ी उस रास्ते पर चल पड़ते हैं जो मुश्किल लगता है। यह सीन दिखाता है कि सफलता की राह हमेशा सीधी नहीं होती। नेटशॉर्ट पर यह दृश्य देखकर लगता है कि हर मोड़ पर एक नई चुनौती है। कोच की आंखों में एक नई उम्मीद थी।

बारिश में भी नहीं रुके

बारिश हो रही थी लेकिन पंचदीपा की फुटबॉल टीम के खिलाड़ी रुके नहीं। कीचड़ में फिसलना, गिरना और फिर उठना। यह सीन दिखाता है कि मौसम चाहे कैसा हो, जुनून नहीं रुकता। नेटशॉर्ट पर यह दृश्य देखकर लगता है कि हर बूंद बारिश की उनकी मेहनत को और भी चमका रही थी। बारिश में भी वे नहीं रुके।

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