हरा जैकेट पहने कोच का प्रेस कॉन्फ्रेंस वाला सीन बहुत दमदार था। उनकी आंखों में एक अलग ही चमक थी जो टीम के प्रति उनके विश्वास को दर्शाती है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के लिए यह कोच किसी मार्गदर्शक से कम नहीं लग रहे। माइक के सामने उनका आत्मविश्वास देखकर लगता है कि अब टीम की किस्मत जरूर बदलेगी। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखना बहुत सुकून देता है।
लॉकर रूम में प्लेयर का पानी की बोतल को मरोड़ना और गुस्से में चिल्लाना उस हार के दर्द को बयां करता है। नंबर १८ वाले खिलाड़ी की निराशा और नंबर २५ वाले के क्रोध ने माहौल को बहुत इमोशनल बना दिया। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इन पलों को देखकर लगता है कि हार मानना इनकी फितरत में नहीं है। यह दृश्य दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता है।
सफेद बालों वाले कप्तान की आंखों में आग देखकर ही समझ आ गया कि आज मैच कुछ अलग होने वाला है। जब दोनों टीमें मैदान में उतरीं, तो माहौल में बिजली सी दौड़ गई थी। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के कप्तान की वह झलक किसी हीरो की एंट्री से कम नहीं थी। विपक्षी टीम के खिलाड़ी से टकराव ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया।
स्टेडियम में विपक्षी टीम के फैंस का हंसना और बीयर पीना बहुत भद्दा लगा। उनका अहंकार साफ झलक रहा था। दूसरी तरफ अपने देश के झंडे के साथ खड़े फैंस की चिंता देखकर दिल भारी हो गया। पंचदीपा की फुटबॉल टीम पर इतना दबाव होने के बावजूद वे कैसे खेलेंगे, यह देखना रोमांचक होगा। यह दृश्य वास्तविकता के बहुत करीब है।
मैदान पर हुई वह टक्कर बहुत खतरनाक थी। जब खिलाड़ी जमीन पर गिरा और खून बहने लगा, तो सन्न रह गए। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों के चेहरे पर डर और गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। यह दृश्य बताता है कि यह खेल सिर्फ गेंद का नहीं, जान का सवाल बन गया है। एनिमेशन में चोट का असर बहुत रियलिस्टिक दिखाया गया है।