जब वह शख्स खिड़की के पास खड़ा होकर खाली स्टेडियम को देखता है, तो माहौल में एक अजीब सी खामोशी है। कॉफी का कप और शहर का व्यू बैकग्राउंड में बहुत क्लासी लग रहा है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम की कहानी में यह शांत पल तूफान से पहले की शांति जैसा लगता है। बिल्डिंग का व्यू और उसकी सोच कुछ कहानी कह रही है।
सफेद बालों वाले खिलाड़ी की आंखों में जब आग दिखाई दी, तो रोंगटे खड़े हो गए। यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि उसकी जिंदगी की लड़ाई लग रही है। रात के समय अकेले प्रैक्टिस करना और पसीने से लथपथ होना दिखाता है कि जीत की कीमत क्या है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम ने इस इमोशनल पल को बहुत खूबसूरती से कैद किया है।
पीले जैकेट वाले एजेंट का एक्टिंग बहुत ओवर द टॉप है, जो कॉमेडी और ड्रामा का मिश्रण है। वह फोन पर ऐसे चिल्लाता है जैसे उसकी जान निकल रही हो। वहीं दूसरी तरफ सफेद बालों वाला शख्स बिल्कुल शांत है। पंचदीपा की फुटबॉल टीम में यह कंट्रास्ट बहुत मजेदार है। ऑफिस का सेट और फाइल्स का डिटेल्स भी बहुत रियल लगते हैं।
रात के समय स्टेडियम की लाइट्स और तारों भरा आसमान देखकर मन शांत हो गया। खिलाड़ी का अकेले प्रैक्टिस करना और फिर बादलों में दिखने वाले विशालकाय चेहरे बहुत जादुई लग रहे थे। पंचदीपा की फुटबॉल टीम ने इस फैंटेसी एलिमेंट को बहुत अच्छे से मिलाया है। यह सीन देखकर लगता है कि वह किसी देवता से प्रेरणा ले रहा है।
जब उसने गेंद को किक मारी और वह हवा में घूमते हुए गोलपोस्ट में गई, तो सांस रुक गई थी। स्लो मोशन में गेंद का नेट से टकराना और फिर खिलाड़ी का थक कर झुक जाना बहुत इमोशनल था। पंचदीपा की फुटबॉल टीम के इस सीन में एक्शन और इमोशन का परफेक्ट बैलेंस है। रात का माहौल और भीड़ की आवाजें न होने के बाजूद रोमांच बना रहा।