जब लाल बालों वाला योद्धा आया, तो पूरा मैदान आग की लपटों से जल उठा। उसकी आँखों में क्रोध और शक्ति का मिश्रण था। बाघ राजा का जन्म इसी क्षण से हुआ लगता है। उसने एक झटके में सभी शत्रुओं को जलाकर राख कर दिया। दृश्य इतना शक्तिशाली था कि सांस रुक गई।
सफेद वस्त्र और सुनहरा मुखौटा पहने वह देवता जब प्रकट हुआ, तो आसमान से सुनहरी रोशनी बरसने लगी। उसकी उपस्थिति में सभी घुटने टेक गए। बाघ राजा का जन्म उसके आशीर्वाद से ही संभव हुआ। उसकी आँखों में अनंत शक्ति और करुणा दोनों थीं।
नीली चेनें जब बिजली की तरह टूटीं, तो एक विशाल राक्षस चीखता हुआ गिरा। उसकी आँखों में डर और क्रोध था। बाघ राजा का जन्म इसी अंधेरे से हुआ। दृश्य इतना तीव्र था कि दिल की धड़कन तेज हो गई। यह युद्ध नहीं, प्रलय था।
घायल भेड़िया जब दीवार से टेक लगाकर बैठा, तो उसकी आँखों में हार नहीं, बल्कि बदले की आग थी। उसका शरीर खून से लथपथ था, पर आत्मा अडिग थी। बाघ राजा का जन्म उसी दर्द से हुआ। उसकी कहानी दिल को छू गई।
लाल बालों वाले योद्धा की आग और सफेद देवता की बर्फ जब टकराई, तो पूरा महल कांप उठा। दोनों की शक्ति बराबर थी, पर इरादे अलग। बाघ राजा का जन्म इसी टकराव से हुआ। दृश्य इतना भव्य था कि आँखें नहीं झपकीं।