शुरुआत में तूफानी बादल और गिरते पत्ते देखकर ही समझ आ गया कि कुछ बड़ा होने वाला है। जब वो लाल बालों वाला योद्धा और नीली पोशाक वाली लड़की जंगल में खड़े थे, तो माहौल में एक अजीब सी चुप्पी थी। फिर अचानक सुनहरी रोशनी की किरणें और बाघ राजा का जन्म का संकेत मिलते ही रोंगटे खड़े हो गए। यह दृश्य बताता है कि शांति हमेशा तूफान से पहले होती है। विजुअल्स इतने शानदार हैं कि आप सांस भी नहीं ले पाते।
जब उस बुजुर्ग बाघ मानव को अपनी दो बच्चियों के साथ जंजीरों में जकड़ा हुआ देखा, तो दिल दहल गया। उसकी आंखों में बच्चों के लिए डर और सामने खड़े लाल भेड़िए के लिए नफरत साफ दिख रही थी। बाघ राजा का जन्म की कहानी में यह पल सबसे दर्दनाक है। वह बूढ़ा व्यक्ति अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को बचाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उस विशालकाय भेड़िए के सामने उसकी कोई ताकत नहीं थी।
वो लाल भेड़िया जो सुनहरे कवच में था, उसका घमंड और क्रूरता देखकर गुस्सा आता है। जब वह उस बूढ़े बाघ मानव के सामने खड़ा होकर हंसता है, तो लगता है कि वह दुनिया का बादशाह बन गया है। बाघ राजा का जन्म में विलेन का किरदार इतना नफरतजनक क्यों है? उसकी आंखों में सिर्फ ताकत का नशा है। वह नहीं जानता कि असली ताकत प्रेम और त्याग में होती है, जो उस बूढ़े व्यक्ति में है।
जब वह नीली पोशाक वाली लड़की अकेले उस अंधेरे हॉल में खड़ी होती है और सुनहरी रोशनी उसके चारों ओर घूमती है, तो लगता है कि कोई देवी अवतरित हुई हो। बाघ राजा का जन्म में उसका किरदार उम्मीद की किरण है। वह डरी हुई जरूर थी, लेकिन उसने हार नहीं मानी। जब उसने उन बच्चों को बचाने के लिए खुद को आगे किया, तो उसकी बहादुरी देखकर आंखें नम हो गईं। वह सच्ची नायिका है।
इस कहानी में परिवार का बंधन सबसे मजबूत दिखाया गया है। जब वो लाल बालों वाली लड़की और छोटा बाघ बच्चा उस बूढ़े व्यक्ति से चिपके हुए थे, तो लगा कि मुसीबत में ही रिश्तों की असली परीक्षा होती है। बाघ राजा का जन्म में यह दिखाया गया है कि कैसे एक परिवार टूटने के कगार पर होता है लेकिन फिर भी एक दूसरे का सहारा बनता है। उनका डर और एक दूसरे के प्रति प्यार देखकर दिल पिघल जाता है।