जब हिरण कन्या ने अपने आंसू गिराए, तो ऐसा लगा जैसे पूरी दुनिया रुक गई हो। बाघ राजा का जन्म के इस दृश्य में भावनाओं का जो तूफान दिखाया गया है, वह दिल को छू लेता है। नीले बालों वाले योद्धा की आंखों में गुस्सा और दर्द दोनों साफ झलक रहे थे।
आखिरी दृश्य में जब पूरा गांव जल रहा था, तो हिरण कन्या की मासूमियत और टूटन साफ दिख रही थी। बाघ राजा का जन्म की कहानी में यह मोड़ बहुत ही दर्दनाक था। आग की लपटें और उसकी आंखों का डर, सब कुछ बहुत गहरा था।
नीले बालों वाले योद्धा की आंखें इतनी तेज थीं कि लगता था वे सब कुछ जानती हैं। बाघ राजा का जन्म में उनके चेहरे पर जो भाव आए, वे बहुत गहरे थे। हिरण कन्या के सामने उनका रवैया बदलता हुआ देखकर दिल धक से रह गया।
हिरण कन्या के सींग और उसके कान उसकी पहचान थे, लेकिन इस कहानी में वे उसके दर्द का प्रतीक बन गए। बाघ राजा का जन्म के इस हिस्से में उसकी कमजोरी और ताकत दोनों एक साथ दिखीं। उसकी आंखों में जो डर था, वह बहुत असली लगा।
रात के समय गांव में जो शांति थी, वह अचानक आग और शोर में बदल गई। बाघ राजा का जन्म के इस दृश्य में तनाव बहुत अच्छे से दिखाया गया है। हिरण कन्या और योद्धा के बीच की चुप्पी भी बहुत कुछ कह रही थी।