बाघ राजा का जन्म देखकर रोंगटे खड़े हो गए! काले वस्त्रों में लिपटा वह योद्धा जब अपने सुनहरे पंख फैलाता है, तो लगता है जैसे स्वयं यमराज मैदान में उतर आए हों। उसकी आँखों में जो क्रोध और दृढ़ संकल्प है, वह किसी साधारण एनिमेशन में नहीं देखा। हर फ्रेम में एक नई ऊर्जा है जो दर्शक को बांधे रखती है।
सफेद बालों वाले उस वृद्ध सेनापति का दर्द हर किसी के दिल को छू लेता है। बाघ राजा का जन्म सिर्फ एक युद्ध नहीं, बल्कि एक पीढ़ी के अंत और नई शुरुआत की कहानी है। जब वह जमीन पर गिरता है और फिर भी हार नहीं मानता, तो लगता है कि असली ताकत शरीर में नहीं, आत्मा में होती है। उसकी आँखों में आंसू और मुट्ठियों में गुस्सा देखकर मन भर आया।
पीले वस्त्र पहने वह चरित्र किसी देवता से कम नहीं लगता। बाघ राजा का जन्म में जब वह बादलों के बीच से उतरता है, तो ऐसा लगता है जैसे स्वर्ग से कोई आदेश लेकर आया हो। उसकी मुस्कान में एक रहस्य है और उसकी चुप्पी में एक तूफान। वह न तो दोस्त है न दुश्मन, बस एक ऐसा अस्तित्व जो सबके ऊपर है। उसकी उपस्थिति ही कहानी को नया मोड़ देती है।
जब जमीन से सुनहरी बिजलियां निकलती हैं और पत्थर हवा में उड़ने लगते हैं, तो बाघ राजा का जन्म का जादू साफ दिखाई देता है। यह सिर्फ एनिमेशन नहीं, एक कलाकृति है। हर धमाके में एक नई कहानी छिपी है। विशेष प्रभाव इतने शानदार हैं कि लगता है जैसे हम भी उस मैदान में खड़े हैं। आंखों को विश्वास नहीं होता कि यह सब स्क्रीन पर हो रहा है।
झरने, फूलों से भरे मैदान और पहाड़ों के बीच जब यह महायुद्ध होता है, तो बाघ राजा का जन्म की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। प्रकृति शांत है लेकिन इंसानों का युद्ध उग्र। यह विरोधाभास दर्शक को सोचने पर मजबूर कर देता है। रंगों का उपयोग इतना सटीक है कि हर दृश्य एक पेंटिंग लगता है। शांति और युद्ध का यह मिलन दिल को छू लेता है।