जब सफेद बाघ ने अपनी नीली चमक वाली आँखों से दुश्मनों को देखा, तो लगता था जैसे प्रकृति का क्रोध जाग उठा हो। बाघ राजा का जन्म ऐसे ही एक दृश्य में हुआ लगता है — जहाँ शक्ति और सौंदर्य का मिलन होता है। उसकी हर गतिविधि में एक राजसी तेज था, जो दर्शक को बांधे रखता है।
सुनहरे कवच में लिपटा सिंह राजा जब गरजा, तो बादल भी डर गए। उसकी आँखों में लाल चमक थी, जैसे अग्नि का प्रतिरूप हो। बाघ राजा का जन्म तो हुआ, लेकिन इस सिंह के सामने उसकी परीक्षा अभी बाकी है। हर फ्रेम में ताकत का प्रदर्शन था, जो दिल को छू गया।
सूअर योद्धा ने जब अपने हथियार उठाए, तो लगा जैसे युद्ध का मैदान उसके लिए ही बना हो। उसकी आँखों में लाल चमक और चेहरे पर गुस्सा — सब कुछ इतना तीव्र था कि दर्शक भी सांस रोके देखते रहे। बाघ राजा का जन्म तो हुआ, लेकिन इस योद्धा की वीरता भी कम नहीं थी।
जब सफेद बाघ और सुनहरा सिंह आमने-सामने आए, तो लगा जैसे दो महाशक्तियों का टकराव हो। आसमान में बिजली कड़की, धरती कांपी — और दर्शक की सांसें रुक गईं। बाघ राजा का जन्म तो हुआ, लेकिन इस मुकाबले ने इतिहास रच दिया। हर पल में तनाव और रोमांच था।
सफेद बाघ के शरीर पर नीली चमक थी, जैसे वह किसी जादूई दुनिया से आया हो। उसकी हर गतिविधि में एक अलौकिक शक्ति थी। बाघ राजा का जन्म तो हुआ, लेकिन उसकी शक्ति ने सबको हैरान कर दिया। दर्शक भी इस जादू में खो गए थे।