जब वह सुनहरा मास्क जमीन पर गिरा, तो लगा जैसे किसी राज का पर्दाफाश हो गया हो। बाघ राजा का जन्म के इस मोड़ ने दिल दहला दिया। सफेद बालों वाले योद्धा की आंखों में दर्द और गुस्सा दोनों साफ झलक रहे थे। ऐसा लगा जैसे वह अपने ही अतीत से लड़ रहा हो। दृश्य इतना भावुक था कि मैं भी रो पड़ी।
उसकी मुस्कान देखकर लगता है जैसे वह सब कुछ जानता हो, फिर भी चुप रहे। बाघ राजा का जन्म में उसका किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी लगा। जब वह धीरे से मुस्कुराता है, तो लगता है जैसे आग भड़कने वाली हो। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक है जो डराती भी है और आकर्षित भी करती है।
उसकी आंखों में इतनी भावनाएं हैं कि शब्दों की जरूरत ही नहीं पड़ती। बाघ राजा का जन्म के इस किरदार ने दिल जीत लिया। जब वह चौंकती है या गुस्सा होती है, तो उसकी आंखें और भी चमकदार हो जाती हैं। उसकी मासूमियत और ताकत का मिश्रण देखकर लगता है जैसे वह किसी जादुई दुनिया से आई हो।
जब वह युवा योद्धा के सिर पर हाथ रखते हैं, तो लगता है जैसे समय थम गया हो। बाघ राजा का जन्म के इस दृश्य में एक अलग ही पवित्रता है। उनकी आंखों में अनुभव और करुणा दोनों झलकते हैं। ऐसा लगता है जैसे वे सब कुछ जानते हों, फिर भी चुपचाप सबको आगे बढ़ने दें।
जब वह अकेला जमीन पर पड़ा था और चारों तरफ भेड़िए खड़े थे, तो लगा जैसे उम्मीद खत्म हो गई हो। बाघ राजा का जन्म के इस सीन में तनाव इतना था कि सांस रुक गई। फिर भी, उसकी आंखों में हार मानने का जज्बा नहीं था। ऐसा लगा जैसे वह अंदर से कुछ बड़ा सोच रहा हो।