इस एनिमेशन में सबसे प्यारा पात्र वह हरा कीड़ा है। उसकी बड़ी-बड़ी आंखें और मासूमियत किसी का भी दिल पिघला दें। जब वह इंद्रधनुषी रंग का पेय पीता है, तो उसकी प्रतिक्रिया देखकर हंसी आती है। पशु साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ की कहानी में यह छोटा सा जीव सबसे बड़ा आकर्षण है। उसका रोना और फिर खुश होना, सब कुछ बहुत ही भावनात्मक तरीके से दिखाया गया है। यह शो देखकर बच्चों जैसी खुशी मिलती है।
काले बालों वाला मुख्य पात्र बहुत कम बोलता है, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ कह देती हैं। जब वह अपनी जेब से सिक्का निकालता है और काउंटर पर रखता है, तो उसकी मजबूरी साफ झलकती है। पशु साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में उसका संघर्ष और धैर्य बहुत प्रेरणादायक है। वह बिना शोर मचाए अपनी राह बनाता है। उसकी और सफेद बालों वाले के बीच की तनावपूर्ण मुलाकात देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
वह इंद्रधनुषी रंग का पेय जो मुख्य पात्र कीड़े को देता है, वह साधारण नहीं लगता। उसमें कोई जादुई शक्ति छिपी है जो कीड़े को विकसित कर सकती है। पशु साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में इस पेय का महत्व बहुत बड़ा है। जब कीड़ा उसे पीता है और चमकने लगता है, तो लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। यह दृश्य विजुअली बहुत शानदार था और कहानी में नया मोड़ लाता है।
सफेद बालों वाली लड़की का व्यवहार बहुत रहस्यमयी है। वह सफेद बालों वाले लड़के के साथ है, लेकिन उसकी आंखों में कुछ अलग ही भाव हैं। पशु साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में उसका किरदार अभी तक पूरी तरह सामने नहीं आया है। वह मुख्य पात्र को देखकर क्या सोच रही है, यह जानने की उत्सुकता बढ़ जाती है। उसकी शांत लेकिन तीखी नजरें कहानी में गहराई जोड़ती हैं।
जिस हॉल में यह सब हो रहा है, वह बहुत भव्य और आलीशान है। ऊंची छत, बड़े खंभे और रंगीन झंडे माहौल को राजसी बनाते हैं। पशु साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ का यह सेट डिजाइन बहुत प्रभावशाली है। भीड़ और पालतू जानवरों की मौजूदगी से लगता है कि यह कोई बड़ी प्रतियोगिता या नीलामी है। रोशनी और रंगों का उपयोग दृश्य को और भी जीवंत बनाता है।