लड़के का ड्रैगन के सिर पर हाथ रखना और उसका आँखें मूंद लेना, यह सीन बेहद इमोशनल था। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में बिना डायलॉग के ही इतनी गहरी बात कह दी गई। लगता है जैसे दोनों ने एक-दूसरे को स्वीकार कर लिया हो। सुनहरा ड्रैगन कंधे पर और नीला पास में, यह तस्वीर किसी पेंटिंग जैसी सुंदर थी। यह दोस्ती आगे चलकर क्या रंग लाएगी, यह देखने के लिए बेताब हूँ।
अंडे से निकली वह सुनहरी चिंगारी सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि एक प्राचीन शक्ति का प्रतीक थी। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ की कहानी में 'आदिम शक्ति' का जिक्र आना ही बताता है कि यह साधारण नहीं है। लड़के का कनेक्शन इस ड्रैगन से इतना गहरा क्यों है? शायद उनकी नियति पहले से ही लिखी गई है। वह होलोग्राम डेटा देखकर हैरान होना स्वाभाविक ही था।
पूरे एपिसोड में कमरे में फैली सुनहरी रोशनी और धूल के कणों का नाचना, विजुअली बहुत खूबसूरत था। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ ने हर फ्रेम को एक पेंटिंग की तरह सजाया है। जब ड्रैगन ने आग उगली और खिड़की के बाहर रोशनी फैली, तो लगा जैसे कमरा ही बदल गया हो। यह एनिमेशन स्टाइल और कलर पैलेट दर्शकों को बांधे रखने के लिए काफी है।
एक तरफ सुनहरा ड्रैगन जो ऊर्जा और आग से भरा है, तो दूसरी तरफ नीला ड्रैगन जो शांत और गंभीर है। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में इन दोनों के कंट्रास्ट को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। लड़का दोनों के बीच कैसे संतुलन बनाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा। जब उसने दोनों को एक साथ देखा, तो उसके चेहरे पर जो मुस्कान थी, वह सब कुछ कह गई।
नेटशॉर्ट ऐप पर जब-जब नई सीरीज आती है, तो उम्मीदें बढ़ जाती हैं, लेकिन पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ ने उन उम्मीदों से भी ज्यादा दे दिया। कहानी की रफ्तार, पात्रों की गहराई और विजुअल इफेक्ट्स सब कुछ टॉप नॉच है। लड़के और उसके ड्रैगन के बीच का बंधन देखकर लगता है कि यह सफर लंबा और रोमांचक होने वाला है। ऐसे कंटेंट के लिए ऐप को सलाम।