क्या आपने उस लड़के की आंखों पर गौर किया? जब वह मुस्कुराया, तो ऐसा लगा जैसे पूरी दुनिया उसके कदमों में हो। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे सीन बहुत कम आते हैं जहां हीरो बिना कुछ बोले सब कुछ कह जाए। बूढ़े मास्टर का डर और छात्रों की हैरानी, सब कुछ कैमरे के एंगल से बहुत अच्छे से दिखाया गया है। यह सीन मुझे बार-बार देखने पर मजबूर कर रहा है।
इस शो का सेट डिजाइन कमाल का है। वह बड़ी इमारत और छात्रों की यूनिफॉर्म देखकर लगता है कि यह कोई साधारण स्कूल नहीं है। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ की दुनिया बहुत विस्तृत लगती है। जब वह लड़का चलकर जाता है और पीछे बूढ़ा मास्टर देखता रह जाता है, तो उस पल की खामोशी बहुत भारी थी। ऐसा लग रहा था कि अब कुछ बड़ा होने वाला है।
वह सफेद बालों वाली लड़की कौन है? उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी जब उसने उस लड़के को देखा। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में हर किरदार का अपना एक राज है। मुझे लगता है कि वह लड़की और यह लड़का भविष्य में बहुत अहम भूमिका निभाने वाले हैं। उनकी केमिस्ट्री अभी से ही बहुत इंटरेस्टिंग लग रही है।
जब उस बूढ़े मास्टर का चेहरा गुस्से से लाल हो गया, तो मैं डर गया था। उनकी आंखें फटी हुई थीं और पसीना बह रहा था। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में इतना इंटेंस एक्शन कम ही देखने को मिलता है। लेकिन उस लड़के का शांत रहना और फिर मुस्कुराना, यह दिखाता है कि पावर किसके पास है। यह पावर डायनामिक्स बहुत ही शानदार तरीके से दिखाए गए हैं।
नेटशॉर्ट ऐप पर यह शो देखना एक अलग ही अनुभव है। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ की क्वालिटी और स्टोरीलाइन बहुत ही शानदार है। जब वह लड़का मुस्कुराता है और सूरज की रोशनी उसके पीछे होती है, तो वह विजुअल बहुत ही खूबसूरत था। ऐसे सीन बड़े पर्दे पर देखने जैसे लगते हैं। मुझे यह शो बहुत पसंद आ रहा है और मैं अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।