इस शो में सबसे ज्यादा आकर्षक पात्र वह सफेद बालों वाली लड़की है। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक है जो बताती है कि वह साधारण नहीं है। जब वह मुस्कुराती है तो लगता है जैसे वह सब कुछ जानती हो। पशु साथी सब विकसित हों मैं आदिम बनूँ में उसके और मुख्य पात्र के बीच की केमिस्ट्री देखने लायक है। उसका शांत स्वभाव बाकी के शोर शराबे में एक ठंडी हवा जैसा लगता है।
जब वह भूरे बालों वाला लड़का गुस्से में चिल्लाता है और अपनी मुट्ठी भींचता है तो स्क्रीन पर कंपन महसूस होता है। उसकी नसों पर उभरी नसें और पसीने की बूंदें बताती हैं कि वह कितना तनाव में है। पशु साथी सब विकसित हों मैं आदिम बनूँ ने इस सीन को बहुत ही बेहतरीन तरीके से दिखाया है। यह सिर्फ एक्शन नहीं बल्कि एक टूटे हुए इंसान की चीख है जो दर्शकों के दिल को छू जाती है।
मुख्य पात्र की सादगी और उसकी वर्दी में छिपा आत्मविश्वास कमाल का है। वह बिना कुछ बोले ही अपनी मौजूदगी से सबको प्रभावित कर देता है। पशु साथी सब विकसित हों मैं आदिम बनूँ में उसका यह अंदाज बहुत पसंद आया। जब वह हाथ जेब में डालकर खड़ा होता है तो लगता है जैसे वह पूरी दुनिया को चुनौती दे रहा हो। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक है जो उसे बाकियों से अलग बनाती है।
जब मैदान में लड़ाई शुरू होती है तो पीछे खड़ी भीड़ के चेहरों पर डर और उत्सुकता का मिश्रण साफ दिखता है। कुछ लोग सहमे हुए हैं तो कुछ उत्साहित। पशु साथी सब विकसित हों मैं आदिम बनूँ ने इस भीड़ के रिएक्शन को बहुत बारीकी से दिखाया है। यह बताता है कि यह लड़ाई सिर्फ दो लोगों के बीच नहीं बल्कि पूरे स्कूल के लिए अहम है। हर किसी की सांसें थमी हुई हैं।
वह व्यक्ति जो सुनहरे कोट में खड़ा है उसमें एक अलग ही रौब है। उसकी आंखें बताती हैं कि वह सब कुछ कंट्रोल कर रहा है। पशु साथी सब विकसित हों मैं आदिम बनूँ में उसका किरदार बहुत मजबूत लगता है। जब वह मुस्कुराता है तो लगता है जैसे वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो। उसकी मौजूदगी से पूरे माहौल में एक गंभीरता आ जाती है जो कहानी को आगे बढ़ाती है।