आग में जलता हुआ शेर जब धीरे-धीरे अपनी आँखें बंद करता है, तो लगता है जैसे कोई अपना खो गया हो। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में जानवरों के प्रति प्रेम और दर्द को बहुत गहराई से दिखाया गया है। यह दृश्य दिल दहला देने वाला था।
काले बालों वाला लड़का जब धुंध में से निकला और उसकी आँखें चमकीं, तो लगा जैसे कोई देवता उतरा हो। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में उसके चेहरे पर मुस्कान और आँखों में गहराई दर्शकों को हैरान कर देती है। वह कौन है? क्या वह दोस्त है या दुश्मन?
जब सफेद बालों वाली लड़की ने सब कुछ देखा और उसकी आँखें फैल गईं, तो लगा जैसे वह भी टूट गई हो। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में उसके चेहरे पर डर और असहायता साफ झलकती है। वह कुछ बोल नहीं पाती, बस खड़ी रह जाती है।
जब सफेद बालों वाला लड़का जमीन पर गिरा और अपने हाथों से जमीन को पकड़ने की कोशिश की, तो लगा जैसे वह अपनी आखिरी उम्मीद खो रहा हो। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे दृश्य दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ लेते हैं। उसकी चीख दिल को छू लेती है।
जब काले बालों वाले लड़के ने मुस्कुराते हुए देखा, तो लगा जैसे वह सब कुछ जानता हो। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में उसके चेहरे पर वह मुस्कान रहस्यमयी लगती है। क्या वह खुश है या दुखी? उसकी आँखें सब कुछ बताती हैं, लेकिन वह कुछ नहीं बोलता।