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पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँवां43एपिसोड

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पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ

परिवार से निकाले गए नाजायज़ बेटे मो में दुर्लभ “सभी तत्व” वाली पशु-साथी क्षमता जागी। गरीबी के कारण कोई भी साधारण आत्मा उससे जुड़ना नहीं चाहता था, पूरा स्कूल उसका मज़ाक उड़ाता था। उसके सौतेले भाई फान और पूर्व प्रेमिका बर्फ ने मिलकर उसे बदनाम किया। इसी अपमान ने उसके अंदर “सबसे शक्तिशाली आदिम-पशु प्रणाली” को जगा दिया। ऐसे युग में जहाँ हर कोई अपने पशु-साथियों को विकसित करता था, मो ने एक तुच्छ हरी इल्ली को आदिम रूप में लौटाकर सबसे शक्तिशाली पशु—आकाशीय ड्रैगन—में बदल दिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

आंखों में छिपा डर

उस योद्धा की आंखों में जब पसीना टपका, तो मैं भी सहम गया। ऐसा लगा जैसे वह अकेला ही पूरी सेना के सामने खड़ा हो। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे पल बहुत हैं जो दिल को छू लेते हैं। ड्रैगन की आंखों में चमक और इंसान के चेहरे पर डर – यह कॉन्ट्रास्ट कमाल का है।

उड़ान का रोमांच

जब वह लड़का अपने ड्रैगन के साथ बादलों को चीरता हुआ निकला, तो मैं भी उसके साथ उड़ रहा था ऐसा महसूस हुआ। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ की एनिमेशन क्वालिटी इतनी शानदार है कि हर पल सिनेमाई लगता है। दूरी मापने वाला डिस्प्ले तो जैसे गेम का हिस्सा हो!

लावा ड्रैगन का क्रोध

उस काले ड्रैगन के मुंह से निकलती आग और उसकी आंखों में छिपा गुस्सा – सब कुछ इतना भयानक था कि मैं स्क्रीन से पीछे हट गया। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में विलेन का डिजाइन सच में डरावना है। उसकी हर हिलचल में तबाही का अहसास होता है।

दोस्ती की ताकत

लड़के और उसके ड्रैगन के बीच का रिश्ता सिर्फ साथी का नहीं, बल्कि आत्मा का है। जब ड्रैगन घायल हुआ, तो लड़के की आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ यह बताता है कि सच्ची ताकत दोस्ती में होती है, न कि हथियारों में।

युद्ध का मैदान

जब सेनाएं घिर गईं और नीली ढाल ने सबको घेर लिया, तो लगा जैसे अंतिम युद्ध शुरू हो गया हो। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे सीन्स हैं जो दिल की धड़कन तेज कर देते हैं। हर सैनिक की आंखों में डर और हिम्मत दोनों दिख रहे थे।

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