हरे सूट वाले की गलतफहमी बहुत मजेदार थी। उसने सोचा वह जीत जाएगा लेकिन ग्रे जैकेट वाले ने उसे कार से लगा दिया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसा ड्रामा देखकर मजा आ गया। सब लोग हैरान थे कि एक साधारण दिखने वाला लड़का इतना ताकतवर कैसे है। लड़ाई के सीन बहुत अच्छे से फिल्माए गए हैं। दर्शक भी हैरान रह गए।
ग्रे जैकेट वाले की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। उसने बिना कुछ कहे ही हरे सूट वाले को सबक सिखा दिया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। पीछे खड़े लोगों के चेहरे पर डर साफ झलक रहा था। यह दृश्य बताता है कि ताकत कपड़ों से नहीं होती। असली ताकत इरादों में होती है।
जब बूढ़ा आदमी आया तो सबका ध्यान उस पर चला गया। उसके साथ ड्रैगन की मूर्ति थी जो बहुत कीमती लग रही थी। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में यह वस्तु किसी बड़े रहस्य की चाबी हो सकती है। हरे सूट वाला अब घबरा गया है। असली खेल अब शुरू होने वाला है। सबकी नजरें उस मूर्ति पर थीं।
फ्लोरल शर्ट वाले आदमी का रिएक्शन बहुत कॉमेडी वाला था। वह बस खड़ा तमाशा देख रहा था। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे किरदार कहानी को हल्का करते हैं। काले कपड़ों वाली महिला भी चुपचाप सब देख रही थी। माहौल में बहुत तनाव था जो कैमरे ने अच्छे से पकड़ा है। हर किसी का चेहरा पढ़ने लायक था।
कार के पास वाली लड़ाई बहुत रियल लगी। हरे सूट वाले को लगा वह भाग जाएगा लेकिन ग्रे जैकेट वाले ने उसे पकड़ लिया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में एक्शन सीन्स की क्वालिटी बहुत अच्छी है। सड़क पर यह झगड़ा क्यों हुआ यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। सब कुछ बहुत तेजी से बदल रहा है। देखने में मजा आ रहा है।
ड्रैगन की मूर्ति को कांच के बॉक्स में रखा गया था। यह किसी पुरानी विरासत का हिस्सा लगता है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में यह प्रॉपर्टी बहुत अहम भूमिका निभाएगी। बूढ़े आदमी की एंट्री ने सबकी बोलती बंद कर दी। अब हरे सूट वाले की खैर नहीं लगती। वह कांप रहा था।
ग्रे जैकेट वाले ने फोन निकाला और कुछ दिखाया। शायद वह कोई सबूत था। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे ट्विस्ट देखकर मजा आता है। हरे सूट वाला अब चुप हो गया है। उसका घमंड टूट चुका है। यह एपिसोड बहुत ही रोमांचक अंत की ओर बढ़ रहा है। अगला भाग कब आएगा।
सभी किरदारों के कपड़े बहुत स्टाइलिश हैं। हरे सूट से लेकर काले कोट तक सब कुछ जच रहा है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की प्रोडक्शन वैल्यू बहुत अच्छी लग रही है। सड़क का लोकेशन भी कहानी के मूड के साथ मैच करता है। ठंडा मौसम और गर्म बहस बहुत अच्छा कॉन्ट्रास्ट है। विजुअल्स शानदार हैं।
बूढ़े आदमी की आवाज में दबदबा साफ सुनाई दे रहा था। उसके आते ही सब चुप हो गए और रास्ता बना दिया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में यह किरदार किसी बड़े बॉस जैसा लगता है। ग्रे जैकेट वाला भी उसे सम्मान दे रहा है। अब कहानी में नया मोड़ आएगा जो सबको हैरान कर देगा। सभी की सांसें रुकी हुई थीं।
यह वीडियो देखकर लगता है कि असली कहानी अभी बाकी है। हरे सूट वाले की हालत खराब हो गई है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत का अगला एपिसोड देखने का इंतजार नहीं हो रहा। एक्टिंग बहुत नेचुरल है। डायलॉग डिलीवरी भी बहुत दमदार है। निर्देशन की तारीफ करनी होगी।