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आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मतवां15एपिसोड

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आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत

वीर सिंह जेल से जल्दी रिहा होकर भाई ध्रुव और भाभी प्रिया के साथ लौटा। रास्ते में अनिका रेड्डी की कार से टक्कर हो गई। अनिका ने पचास हज़ार रुपये की माँग कर दी। तारा को हॉस्पिटल पहुँचाने के लिए वीर रुक गया। उसने अनिका और उसके साथियों को हराया और उनका सहायक यश मल्होत्रा को बुलवाया। यश ने प्रिया को मुआवज़ा माँगा, जिससे वीर भड़क गया। फिर अर्जुन राठौर अपने लोगों के साथ आया। वीर ने अकेले ही सबको हरा दिया। तभी चेयरमैन शौर्य मल्होत्रा ने वीर को पहचानकर उसकी मदद की
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इस एपिसोड की समीक्षा

घमंड का अंत

सफेद सूट वाले की घमंडी हरकतें देखकर बहुत गुस्सा आ रहा था। फिर ग्रे जैकेट वाले ने जब उसका हाथ पकड़ा, तो सच में मज़ा आ गया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत वाली फीलिंग पूरी तरह इस सीन में आई। एक्टिंग बहुत नेचुरल लग रही है और डायलॉग भी दमदार हैं। देखने में बहुत अच्छा लगा।

डर और शांति

सफेद ड्रेस वाली लड़की की आँखों में डर साफ़ साफ़ दिख रहा था। लेकिन उसके साथ खड़ा शख़्स बिल्कुल शांत था। ऐसे सीन देखकर ही तो हम इस ऐप पर आते हैं। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में कहानी की टेंशन लाजवाब है। हर पल कुछ नया होता है। किरदारों की गहराई बहुत अच्छी है।

कलाई का पकड़

कलाई पकड़ने वाला सीन बहुत ही दमदार था। दर्द का असली अहसास उस सफेद सूट वाले के चेहरे पर था। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत ड्रामा का ये एपिसोड सबसे बेस्ट है। एक्शन और इमोशन का सही संतुलन है। मुझे ये स्टाइल बहुत पसंद आया। सब कुछ परफेक्ट लग रहा है।

तमाशबीन गुंडे

पीछे खड़े गुंडे बस तमाशबीन बने रहे। असली ताकत तो सामने वाले की आँखों में थी। डायलॉग डिलीवरी में जो दम है वो कमाल का है। हर फ्रेम में एक नया मोड़ देखने को मिलता है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत का कहानी बहुत रोचक तरीके से आगे बढ़ रही है। मुझे ये बहुत पसंद आया।

काले कोट वाली

काले कोट वाली महिला भी कुछ कम नहीं लग रही थी। सबकी नज़रें उसी सफेद सूट वाले पर थीं। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की कहानी में ये ट्विस्ट अच्छा लगा। सीन की लाइटिंग भी बहुत प्रोफेशनल है। सब कुछ परफेक्ट लग रहा है। देखने में बहुत मज़ा आता है।

सोने की चेन

जब वो बड़ा आदमी सोने की चेन पहनकर आया, तो माहौल बदल गया। लग रहा था अब असली खेल शुरू होगा। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे सस्पेंस के लिए ही तो हम देखते हैं। किरदारों की केमिस्ट्री बहुत गजब की है। आगे क्या होगा ये जानना ज़रूरी है।

दर्द की आवाज़

गुस्से में चिल्लाने वाला शख़्स अब दर्द से कराह रहा था। बदलाव बहुत तेज़ी से आया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे ही सीन बार-बार देखने को मिलते हैं। स्क्रिप्ट बहुत मज़बूत लिखी गई है। हर डिटेल पर ध्यान दिया गया है। यकीनन आपको भी पसंद आएगा।

बाहर का सीन

बाहर का लोकेशन और धूप का असर सीन को और भी रियल बना रहा था। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की हर एक्टर ने अपने रोल को पूरी ईमानदारी से निभाया है। देखने वाले को बिल्कुल बोरियत नहीं होती है। वीडियो की क्वालिटी भी बहुत हाई है। सच में बहुत अच्छा है।

ताकत का प्रदर्शन

हाथ पकड़ते ही वो शख़्स चिल्ला उठा। ताकत का असली प्रदर्शन वहीं हुआ था। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत का ये सीन वाकई यादगार है। एडिटिंग भी बहुत स्मूथ और तेज़ रफ़्तार है। देखने में बहुत मज़ा आता है। सबको एक बार ज़रूर देखना चाहिए।

सन्नाटे का असर

अंत में जब सब चुप हो गए, तो सन्नाटा छा गया। अगले एपिसोड का इंतज़ार अब और भी बढ़ गया है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत का ऐसे ही शानदार कंटेंट के लिए ये ऐप बेस्ट है। कहानी में जान है और दम भी। सबको देखना चाहिए। यकीनन आपको भी पसंद आएगा।