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आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मतवां53एपिसोड

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आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत

वीर सिंह जेल से जल्दी रिहा होकर भाई ध्रुव और भाभी प्रिया के साथ लौटा। रास्ते में अनिका रेड्डी की कार से टक्कर हो गई। अनिका ने पचास हज़ार रुपये की माँग कर दी। तारा को हॉस्पिटल पहुँचाने के लिए वीर रुक गया। उसने अनिका और उसके साथियों को हराया और उनका सहायक यश मल्होत्रा को बुलवाया। यश ने प्रिया को मुआवज़ा माँगा, जिससे वीर भड़क गया। फिर अर्जुन राठौर अपने लोगों के साथ आया। वीर ने अकेले ही सबको हरा दिया। तभी चेयरमैन शौर्य मल्होत्रा ने वीर को पहचानकर उसकी मदद की
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इस एपिसोड की समीक्षा

रहस्यमयी तिजोरी का खुलासा

सफेद कमरे की चमकदार सेटिंग बहुत भविष्यवादी और अलग लग रही थी। काले कोट वाले शख्स की गंभीरता देखकर लगता है कि कोई बहुत बड़ा राज खुलने वाला है। जब उसने चाबी से तिजोरी खोली तो सस्पेंस अपने चरम पर था। इस शो में हर पल नया मोड़ मिलता है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत देखकर यकीन हो गया कि यह कहानी बहुत गहरी है। नोटबुक में लिखे नामों ने तो दिमाग घुमा दिया। सच में बहुत रोचक लगा।

दोस्त या दुश्मन का खेल

चश्मे वाले व्यक्ति और काले कोट वाले के बीच की केमिस्ट्री बहुत अजीब और दिलचस्प है। क्या वे दोस्त हैं या दुश्मन? तिजोरी से निकली डायरी में कुछ खास नाम लिखे थे जो कहानी की दिशा बदल सकते हैं। पैसे के गड्डे देखकर लगा कि कोई बड़ा लेनदेन हुआ है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की कहानी में यह सीन बहुत अहम है। हर एक्शन के पीछे एक वजह छिपी है। दर्शक के रूप में मैं हैरान रह गया।

शुरुआत से ही सस्पेंस

वीडियो की शुरुआत ही इतनी रहस्यमयी थी कि मैं बस देखता रह गया और कुछ समझ नहीं पाया। सफेद ग्रिड वाली दीवारें बहुत अनोखी लग रही थीं। जब काले कोट वाले ने वह कागज निकाला तो लगा कि कोई सुराग मिला है। चश्मे वाले की प्रतिक्रिया भी देखने लायक थी। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे सीन बार बार देखने को मिलते हैं। नोटबुक के पन्ने पलटते वक्त जो टेंशन थी वह लाजवाब थी। बिल्कुल नहीं बोर हुआ।

पैसे और राज की कहानी

कहानी में जब पैसे और राज दोनों शामिल हों तो मजा दोगुना हो जाता है और रोमांच बढ़ता है। इन दोनों किरदारों के बीच की खामोशी बहुत शोर मचा रही थी। तिजोरी खोलने का तरीका बहुत क्लासिक लगा। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत का यह एपिसोड सबसे बेहतरीन है। नामों की लिस्ट देखकर लगा कि कोई बड़ी साजिश रची गई है। काले कोट वाले की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। बहुत ही दमदार सीन था।

आधुनिक सेट डिजाइन

सेट डिजाइन बहुत ही आधुनिक और साफ सुथरा है जो आंखों को अच्छा लगता है। काले कोट वाले शख्स ने जब वह चाबी दिखाई तो लगा कि अब असली खेल शुरू होगा। चश्मे वाले ने भी अपना रोल अच्छे से निभाया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में हर डिटेल पर ध्यान दिया गया है। डायरी में छिपे राजों को जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। पैसे निकालते वक्त जो जल्दबाजी थी वह बहुत असली लग रही थी।

पहेली जैसे सीन

इस शो का हर सीन एक पहेली की तरह है जो सुलझती नहीं है। काले कोट वाला शख्स किसी मिशन पर लग रहा है। चश्मे वाले के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी। जब उन्होंने नोटबुक में लिखे नाम देखे तो माहौल बदल गया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की कहानी बहुत पेचीदा होती जा रही है। तिजोरी के अंदर का नज़ारा बहुत अमीराना था। मुझे यह रोमांचक अंदाज बहुत पसंद आ रहा है।

रहस्य और रोमांच

रहस्य और रोमांच का बेहतरीन संगम है यह वीडियो जो बार बार देखने को मजबूर कर दे। काले कोट वाले ने जब वह पर्ची दिखाई तो चश्मे वाले के होश उड़ गए। लगता है कि उन नामों का बहुत महत्व है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे ट्विस्ट्स ही जान हैं। सफेद कमरे की रोशनी ने सीन को और भी ड्रामेटिक बना दिया। पैसे गिनते वक्त जो खामोशी थी वह बहुत भारी लग रही थी। बिल्कुल नया अनुभव मिला।

छिपे हुए राज

दोस्तों के बीच भी कभी कभी राज छिपे होते हैं जो बाहर नहीं आने चाहिए। इन दोनों के बीच का तनाव बहुत साफ दिख रहा था। तिजोरी से निकली चीजें किसी बड़े खुलासे की ओर इशारा कर रही हैं। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत देखकर लगा कि यह सीरीज लंबी चलने वाली है। काले कोट वाले का अंदाज बहुत रौबदार है। चश्मे वाले की घबराहट भी बहुत स्वाभाविक लग रही थी। सच में बहुत बढ़िया काम है।

बेहतरीन एक्टिंग

वीडियो की क्वालिटी और एक्टिंग दोनों ही स्तर पर यह शो बेहतरीन है और देखने लायक है। काले कोट वाले ने जब डायरी पलटी तो लगा कि कोई पुराना राज खुलने वाला है। चश्मे वाले की आंखों में सवाल थे। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की कहानी में हर किरदार की अहमियत है। तिजोरी खोलने के बाद जो बदलाव आया वह बहुत दिलचस्प था। मुझे यह सस्पेंस बहुत पसंद आ रहा है।

क्लाइमेक्स धमाकेदार

अंत में जब पैसे और डायरी दोनों सामने आए तो कहानी में नया मोड़ आ गया और रोमांच बढ़ा। काले कोट वाला शख्स सब कुछ कंट्रोल कर रहा है। चश्मे वाला बस देखता रह गया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत का यह क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार है। सफेद कमरे की सेटिंग बहुत अनोखी थी। नामों वाली लिस्ट ने तो दिमाग ही घुमा दिया। अब अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार है।