शुरुआत में ही गुलाबी गाउन वाली लड़की के चेहरे पर जो बेचैनी दिखी, वह दिल को छू गई। जैसे ही काली कार रुकी और चांदी साड़ी वाली महिला उतरी, माहौल में तनाव साफ महसूस हुआ। तलवार का नाद जैसे इसी पल की प्रतीक्षा कर रहा था। आंखों के इशारों से पूरी कहानी कह दी गई है।
जब वह चांदी साड़ी पहनकर कार से उतरी, तो सबकी नजरें उसी पर टिक गईं। उसका आत्मविश्वास और मुस्कान देखकर लगता है कि वह किसी बड़े रहस्य को छिपाए हुए है। तलवार का नाद में ऐसे मोड़ आते रहते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। हर फ्रेम में एक नया सवाल खड़ा हो जाता है।
गुलाबी गाउन वाली और चांदी साड़ी वाली के बीच की दूरी और नजरों का टकराव देखकर लगता है कि इनके बीच कुछ गहरा चल रहा है। तलवार का नाद में रिश्तों की यह जटिलता बहुत अच्छे से दिखाई गई है। कौन किसके पक्ष में है, यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है।
काले सूट वाला व्यक्ति शुरू से ही चुपचाप सब कुछ देख रहा था। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी, जैसे वह सब कुछ जानता हो। तलवार का नाद में ऐसे किरदार कहानी को और भी रोचक बना देते हैं। उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी।
अंदर का दृश्य जहां लाल फूलों से सजा था, वह बेहद शानदार लग रहा था। लेकिन इस खूबसूरती के पीछे छिपा तनाव साफ झलक रहा था। तलवार का नाद के सेट डिजाइन और माहौल ने कहानी को एक नया आयाम दिया है। हर कोना एक नई कहानी कह रहा था।