जब वह सफेद वर्दी पहनकर आई, तो पूरा हॉल सन्न रह गया। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी, जैसे वह किसी बड़े मिशन पर हो। तलवार का नाद सुनकर सबकी सांसें थम गईं। उसने जो सुनहरा टैग दिखाया, वह सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि अधिकार का प्रमाण था। उसकी हर हरकत में एक रॉयल अंदाज था।
दुल्हन के चेहरे पर खुशी नहीं, बल्कि डर साफ दिख रहा था। जैसे वह किसी जाल में फंस गई हो। उसकी आँखें बार-बार उस सफेद वर्दी वाली महिला की तरफ जा रही थीं। तलवार का नाद के इस मोड़ ने सबको चौंका दिया। क्या यह शादी है या कोई साजिश? हर फ्रेम में तनाव बढ़ता जा रहा है।
उस बूढ़े आदमी के चेहरे पर गुस्सा और निराशा दोनों साफ दिख रहे थे। जैसे उसे किसी ने धोखा दिया हो। उसकी आँखों में आंसू थे, लेकिन वह रो नहीं रहा था। तलवार का नाद के इस सीन में उसकी भावनाएं सबसे ज्यादा उभरीं। वह सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि एक पिता की पीड़ा लग रहा था।
पीछे खड़े सैनिक बिल्कुल चुप थे, जैसे पत्थर की मूर्तियां हों। उनकी मौजूदगी ही डर पैदा कर रही थी। तलवार का नाद के इस सीन में उनकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। वे किसी आदेश का इंतजार कर रहे थे, और वह आदेश उस सफेद वर्दी वाली महिला के हाथ में था।
वह सुनहरा टैग सिर्फ एक एक्सेसरी नहीं, बल्कि कहानी की चाबी लग रहा था। जब उसने उसे ऊपर उठाया, तो सबकी सांसें थम गईं। तलवार का नाद के इस मोड़ ने सबको चौंका दिया। क्या यह टैग किसी पुराने वादे का प्रतीक है? या किसी नए युद्ध की शुरुआत? हर फ्रेम में रहस्य बढ़ता जा रहा है।