भूरे सूट वाला शख्स इतना घमंडी क्यों है? उसकी आँखों में अहंकार साफ झलकता है जब वह ग्रे सूट वाले लड़के को धक्का देता है। तलवार का नाद जैसे ही शुरू होता है, माहौल में तनाव बढ़ जाता है। पीछे खड़े बॉडीगार्ड्स और चमकती लाइट्स डर का माहौल बना रही हैं। यह दृश्य दिल को छू लेता है क्योंकि यहाँ न्याय की लड़ाई दिख रही है।
जब वह महिला गुस्से में देखती है तो लगता है जैसे वह सब कुछ बदल देगी। उसकी आँखों में आग है और चेहरे पर दृढ़ संकल्प। तलवार का नाद के इस मोड़ पर वह सबसे मजबूत किरदार लगती है। उसके आसपास का शोर और भीड़ उसे रोक नहीं पा रही। ऐसा लगता है जैसे वह अगले पल कुछ बड़ा फैसला लेने वाली हो।
वह लड़का इतना शांत क्यों है? जब उसे धक्का दिया जाता है तो वह कुछ नहीं बोलता। शायद वह जानता है कि जवाब देना बेकार है। तलवार का नाद में उसकी चुप्पी सबसे तेज आवाज बन जाती है। उसकी आँखों में दर्द है लेकिन वह टूटता नहीं। यह दृश्य दिखाता है कि कभी-कभी चुप रहना सबसे बड़ा जवाब होता है।
काले सूट और चश्मे वाले ये लोग इतने खतरनाक क्यों लग रहे हैं? वे चुपचाप खड़े हैं लेकिन उनकी मौजूदगी ही डर पैदा कर रही है। तलवार का नाद के इस हिस्से में वे दीवार की तरह खड़े हैं। जब भूरा सूट वाला आदमी इशारा करता है तो वे तैयार हो जाते हैं। यह दृश्य दिखाता है कि ताकत हमेशा शोर नहीं मचाती।
नीयन लाइट्स और सड़क की रोशनी ने इस दृश्य को और भी डरावना बना दिया है। रंगों का खेल और छायाएं माहौल को गहरा कर रही हैं। तलवार का नाद में यह सेटिंग बहुत प्रभावशाली है। जब भूरा सूट वाला आदमी हंसता है तो लगता है जैसे वह सब कुछ नियंत्रित कर रहा हो। यह दृश्य दिल को दहला देता है।