सफेद वर्दी पहने वह महिला इतनी गंभीर क्यों है? लगता है जैसे किसी बड़े संकट का सामना कर रही हो। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी जिद्द है। जब राम शर्मा अपनी फौज लेकर आते हैं, तो माहौल और भी तनावपूर्ण हो जाता है। तलवार का नाद सुनकर लगता है कि अब कोई बड़ा धमाका होने वाला है। यह दृश्य दिल को छू लेता है।
सुनहरी कढ़ाई वाला काला कोट पहने वह व्यक्ति हंस रहा है, लेकिन उसकी हंसी में एक खतरनाक चालाकी छिपी है। वह अपनी माला घुमाते हुए सबको चुनौती दे रहा है। उसकी हरकतें बताती हैं कि वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। तलवार का नाद के इस मोड़ पर उसका किरदार सबसे ज्यादा दिलचस्प लग रहा है। उसकी आवाज़ में एक अजीब सा कंपन है जो डराता भी है और आकर्षित भी करता है।
सफेद गाउन और ताज पहने वह लड़की इतनी डरी हुई क्यों है? उसकी आँखों में आंसू हैं और चेहरे पर मासूमियत। लगता है जैसे उसकी शादी किसी बड़ी मुसीबत में फंस गई हो। जब राम शर्मा अपनी टुकड़ी के साथ आते हैं, तो उसकी घबराहट और बढ़ जाती है। तलवार का नाद के इस सीन में उसका दर्द साफ दिखाई दे रहा है। वह बस किसी के आने का इंतजार कर रही है जो उसे बचा सके।
नीले सूट में राम शर्मा की एंट्री देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उनके पीछे दंगल की तैयारी में खड़ी फौज और उनके चेहरे पर गंभीरता। वे किसी राजनेता या बड़े अधिकारी लग रहे हैं। उनकी हर कदम में एक अलग ही वजन है। तलवार का नाद के इस हिस्से में उनकी उपस्थिति पूरे माहौल को बदल देती है। वे बस एक नजर से सबको चुप करा देते हैं। यह दृश्य बहुत ही शक्तिशाली है।
सुनहरी गाउन और ताज पहने वह महिला किसी रानी जैसी लग रही है। लेकिन उसकी आँखों में चिंता है। वह उस काले कोट वाले व्यक्ति से कुछ कहना चाहती है, लेकिन डर रही है। उसकी हरकतें बताती हैं कि वह इस सबका हिस्सा नहीं बनना चाहती। तलवार का नाद के इस मोड़ पर उसका किरदार बहुत ही जटिल लग रहा है। वह बस शांति चाहती है, लेकिन हालात उसे युद्ध की ओर धकेल रहे हैं।