विला के पूल साइड पर मुक्केबाजी की आवाज़ और सफेद सूट में महिला के आगमन ने तनाव का माहौल बना दिया। चेक के बदले रिश्तों की कीमत तय करना कितना दर्दनाक होता है, यह ब्लाइंड डेट से दिल तक में खूब दिखाया गया है। अमीर आदमी का घमंड और गरीब परिवार की मजबूरी के बीच का संघर्ष दिल को छू लेता है।
एक तरफ आलीशान विला और पूल, दूसरी तरफ साधारण सा आंगन। जब ये दो दुनियाएं टकराती हैं, तो कहानी में जो आग लगती है वह ब्लाइंड डेट से दिल तक की खासियत है। नायक की मुट्ठियां और नायिका की आंखों में छिपा दर्द देखकर लगता है कि यह लड़ाई सिर्फ पैसे की नहीं, इज्जत की है।
काले सूट वाला शख्स जिस तरह चेक फेंकता है, उससे उसका अहंकार साफ झलकता है। वहीं सामने खड़े बुजुर्ग दंपत्ति की बेबसी देखकर गुस्सा आता है। ब्लाइंड डेट से दिल तक ने दिखाया कि कैसे पैसा इंसानियत को कुचलने की कोशिश करता है, लेकिन जज्बात हमेशा जीतते हैं।
लड़की की आंखों में आंसू और उसके पिता की झिझक देखकर दिल भारी हो गया। जब कोई इंसान अपनी बेटी के भविष्य के लिए अपनी इज्जत गिरवी रखने को मजबूर हो, तो उस दर्द को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। ब्लाइंड डेट से दिल तक की यह कहानी समाज की कड़वी सच्चाई है।
पूल साइड पर मुक्केबाजी करते हुए नायक का गुस्सा साफ दिख रहा था। जब उसे पता चला कि उसके अपनों के साथ क्या हो रहा है, तो उसका क्रोध जायज है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में एक्शन और इमोशन का यह मिश्रण दर्शकों को बांधे रखता है। अब देखना है कि वह कैसे बदला लेता है।