ब्लाइंड डेट से दिल तक में शुरुआती सीन ही दिल को छू लेता है। वो नज़दीकियां, वो आंखों का मिलना और फिर अचानक दूरी बन जाना। लड़की का सफेद सूट और लड़के की काकी जैकेट का कॉन्ट्रास्ट बहुत अच्छा लग रहा है। जब वो सोफे पर लेट जाता है तो लगता है जैसे वो अपनी किस्मत को कोस रहा हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सुकून देता है।
रात भर सोफे पर बिताने के बाद सुबह का सीन कमाल का है। लड़की डेनिम में कितनी खूबसूरत लग रही है और लड़का अभी भी उसी कपड़े में। उसकी नींद टूटने पर जो हैरानी होती है, वो बिल्कुल असली लगती है। ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में ये मोड़ बहुत जरूरी था। लगता है अब कुछ बड़ा होने वाला है।
लिविंग रूम के आरामदायक माहौल से सीधा पार्किंग लॉट के डरावने सीन में जाना बहुत तेज था। लाल स्पोर्ट्स कार और फिर वो गुंडे। लड़के का चेहरा देखकर लगता है वो डरा नहीं है, बल्कि तैयार है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में एक्शन का ये अंदाज मुझे बहुत पसंद आया। अब देखना है वो अकेले कैसे लड़ेगा।
लिफ्ट के बाहर खड़े होकर जो खामोशी थी, उसमें हजारों बातें छिपी थीं। लड़की आगे चल रही थी और लड़का पीछे, जैसे दोनों के बीच कोई अनकही दूरी हो। ब्लाइंड डेट से दिल तक के इस सीन में डायलॉग नहीं थे लेकिन एक्टिंग सब कुछ कह गई। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखना एक अलग ही अनुभव है।
लड़की का व्हाइट सूट से डेनिम में बदलना और लड़के का वही जैकेट पहने रहना। ये छोटी-छोटी चीजें कहानी को आगे बढ़ाती हैं। ब्लाइंड डेट से दिल तक में कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने बहुत अच्छा काम किया है। हर कपड़ा किरदार के मूड को दर्शाता है। ये डिटेलिंग मुझे बहुत पसंद आई।