इस दृश्य में हरे जैकेट वाला शख्स सच में कमाल का है। उसने बिना किसी डर के दो गुंडों को धूल चटा दी। जब उसने लाठी उठाई तो लग रहा था कि अब तो बुरा हाल होगा, पर उसने सिर्फ डराया। ब्लाइंड डेट से दिल तक जैसे ड्रामे में ऐसे हीरो की जरूरत होती है जो बातों से नहीं, एक्शन से बात बनाएं। उसका कॉन्फिडेंस देखकर मजा आ गया।
शुरुआत में काले सूट वाला लड़का बहुत घमंडी लग रहा था, जैसे उसे अपनी ताकत पर बहुत नाज हो। पर जैसे ही हरे जैकेट वाले ने वार किया, उसका सारा अकड़ निकल गया। जमीन पर गिरकर माफी मांगता हुआ देखकर हंसी आ रही थी। ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में ऐसे किरदार ही तो मजा बढ़ाते हैं जो शुरू में शेर और अंत में बिल्ली बन जाएं।
पीछे खड़ी दो लड़कियों के चेहरे के भाव देखने लायक थे। पहले तो वे डरी हुई लग रही थीं, लेकिन जब हरे जैकेट वाले ने सबको संभाल लिया, तो उनके चेहरे पर राहत और सम्मान झलक रहा था। खासकर सफेद सूट वाली लड़की की मुस्कान बता रही थी कि हीरो जीत गया है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे इमोशनल पल ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं।
जब हरे जैकेट वाले ने लकड़ी की लाठी उठाई, तो माहौल एकदम बदल गया। काले सूट वाला लड़का कांपने लगा था। यह दिखाता है कि असली ताकत कपड़ों में नहीं, इरादों में होती है। उसने लाठी से वार नहीं किया, बस इशारा किया और सामने वाला घुटनों पर आ गया। ब्लाइंड डेट से दिल तक के इस सीन में पावर डायनामिक बहुत अच्छे से दिखाया गया है।
यह लड़ाई किसी शहर के बीच में नहीं, बल्कि एक पुराने गांव के आंगन में हो रही है। पीछे लटकते मिर्च और पुरानी दीवारें इस फाइट को एक देसी अंदाज दे रही हैं। ऐसा लग रहा है जैसे कोई पुरानी दास्तान फिर से जी रही हो। ब्लाइंड डेट से दिल तक की शूटिंग लोकेशन ने इस एक्शन को और भी असली और दमदार बना दिया है।