इस दृश्य में बैंगनी वेलवेट सूट पहने शख्स की एंट्री ही धमाकेदार है। उसकी आँखों में गुस्सा और अहंकार साफ झलक रहा है। सामने खड़े कपल पर उसका रौब देखकर डर लग रहा है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे विलेन किरदार हमेशा कहानी में टेंशन बढ़ा देते हैं। बैकग्राउंड में खड़े गुंडे भी माहौल को और गंभीर बना रहे हैं।
लड़की के हाथ रस्सियों से बंधे हैं लेकिन उसके चेहरे पर डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी बेचैनी है। वह उस लड़के की तरफ देख रही है जो उसे बचाने आया है। उनके बीच की केमिस्ट्री बहुत गहरी लग रही है। ब्लाइंड डेट से दिल तक के इस मोड़ पर लगता है कि अब कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला है।
यह गोदाम या वेयरहाउस वाला सीन बहुत ही सस्पेंस से भरा है। दीवारें पुरानी हैं और रोशनी कम है, जिससे खतरे का अहसास होता है। कैदियों को पिंजरे में बंद दिखाकर डायरेक्टर ने बहुत अच्छा काम किया है। ब्लाइंड डेट से दिल तक की यह लोकेशन कहानी की गंभीरता को बढ़ा रही है।
हीरो हरे जैकेट में बहुत सादा लेकिन दमदार लग रहा है। वह बिना हथियार के खतरनाक दुश्मनों के सामने खड़ा है। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि अपने प्रिय को बचाने का जज्बा है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में हीरो का यह रूपांतरण बहुत पसंद आया। वह चुपचाप लेकिन मजबूती से सबका सामना कर रहा है।
लड़के के हाथ में फोन है जिसमें मैप दिखाई दे रहा है। शायद वह इसी रास्ते से यहाँ तक पहुँचा है। यह छोटी सी डिटेिल बताती है कि उसने प्लानिंग के साथ एंट्री ली है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे छोटे-छोटे संकेत कहानी को आगे बढ़ाते हैं। यह टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बहुत स्मार्ट लगा।