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ब्लाइंड डेट से दिल तकवां9एपिसोड

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ब्लाइंड डेट से दिल तक

पूर्व सैनिक सूरज सिंह, सीईओ जोया शेट्टी का नकली प्रेमी बनता है ताकि वह विक्रम राठौर के शादी के दबाव से बच सके। सूरज ने जोया के पिता की बीमारी ठीक की, जो उसके गुरु भाई की मौत से जुड़ी थी। विक्रम ने हत्यारे भेजे और बिजनेस में नुकसान पहुँचाया, लेकिन सूरज ने सब हराया। आखिर में सूरज को पता चला कि असली दुश्मन शर्मा परिवार है, और अब उसके सामने बदला और हिफाजत दोनों हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

पार्किंग में खूनी खेल

यह दृश्य सच में रोंगटे खड़े कर देने वाला है! ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में यह पार्किंग वाला सीन सबसे ज्यादा तनावपूर्ण है। चाकू की नोक पर जान का खेल और फिर अचानक पलटाव देखकर दिल धक से रह गया। एक्शन कोरियोग्राफी बहुत शानदार है, हर मुक्का और हर चाल में जान है। हीरो की आंखों में वह खूंखारपन जो अंत में दिखा, वह किसी विलेन को भी डरा दे। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ही दमदार सीन्स देखने को मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।

हीरो का असली चेहरा

शुरुआत में लगता है कि हीरो मुसीबत में फंस गया है, लेकिन जैसे-जैसे ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी आगे बढ़ती है, पता चलता है कि असली शिकारी कौन है। उस लंबे बालों वाले गुंडे का अंत बहुत दर्दनाक था, खून की धार देखकर ही सिहुरी जाती है। हीरो का वह ठंडा रवैया जब वह अपने हाथ साफ कर रहा था, वह बताता है कि वह कोई आम इंसान नहीं है। कार में बैठे लड़के का डरा हुआ चेहरा भी कहानी के अगले मोड़ का संकेत देता है।

कार्ड का राज और खतरा

लड़ाई के बाद हीरो द्वारा उठाया गया वह काला कार्ड कहानी का सबसे बड़ा रहस्य बन गया है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में यह छोटी सी चीज बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करती है। हीरो का वह कार्ड कार की तरफ फेंकना और अंदर बैठे लड़के का घबरा जाना, यह सब बहुत ही नाटकीय था। लगता है कि यह लड़ाई सिर्फ एक शुरुआत थी, असली खेल तो अब शुरू होने वाला है। नेटशॉर्ट पर ऐसे प्लॉट ट्विस्ट देखना हमेशा रोमांचक होता है।

गाड़ी में बैठा डरा हुआ चेहरा

पार्किंग में हुई हिंसक लड़ाई के बाद, कार के अंदर का दृश्य बिल्कुल अलग माहौल बनाता है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में यह कंट्रास्ट बहुत अच्छा लगा। लाल जैकेट वाला लड़का, जिसके चेहरे पर खरोंच है, वह कांप रहा है। उसकी आंखों में साफ डर दिख रहा है। हीरो का बाहर खड़ा होकर उसे घूरना और फिर कार्ड फेंकना, यह सब एक मनोवैज्ञानिक युद्ध जैसा लग रहा था। यह दृश्य बताता है कि ताकत सिर्फ मुक्कों में नहीं, बल्कि डराने की क्षमता में भी होती है।

खूनी मुठभेड़ का अंत

जब हीरो ने उस गुंडे की गर्दन पर वार किया और खून बहने लगा, तो स्क्रीन देखना मुश्किल हो गया था। ब्लाइंड डेट से दिल तक की यह हिंसक कहानी किसी एक्शन थ्रिलर से कम नहीं है। गुंडे का गिरना और हीरो का बिना पसीने बहाए खड़ा रहना, यह दिखाता है कि वह कितना खतरनाक है। नेटशॉर्ट ऐप पर मिलने वाली यह कच्ची और असली फीलिंग वाली एक्टिंग दर्शकों को बांधे रखती है। यह सीन लंबे समय तक याद रहेगा।

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