शुरुआत में ही सफेद सूट वाले लड़के को हवा में उठाकर गला दबोचने वाला सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। ब्लाइंड डेट से दिल तक में इतनी हिंसा की उम्मीद नहीं थी। हरे जैकेट वाले की ताकत और गुस्सा देखकर लगता है कि वह किसी बड़े बदले की आग में जल रहा है। पीछे खड़ा बूढ़ा आदमी भी कुछ छिपा रहा है, उसकी आंखों में डर और चिंता साफ दिख रही थी।
जैसे ही काले लिबास में लिपटा हुआ नकाबपोश आया, माहौल पूरी तरह बदल गया। उसकी छलांग और वार करने का तरीका किसी प्रोफेशनल फाइटर जैसा था। ब्लाइंड डेट से दिल तक के इस मोड़ ने कहानी में एक नया ट्विस्ट जोड़ दिया है। हरे जैकेट वाला भले ही घायल हो गया, लेकिन उसने हार नहीं मानी, यह जिद्द देखने लायक थी।
जब हरे जैकेट वाले के मुंह से खून निकला, तब समझ आया कि मामला गंभीर है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में इमोशनल ड्रामा और एक्शन का बेहतरीन मिश्रण है। सफेद सूट वाला जमीन पर तड़प रहा था और नकाबपोश बेरहमी से वार कर रहा था। ऐसे सीन दिल पर गहरा असर छोड़ते हैं और दर्शक को बांधे रखते हैं।
लाल कुर्ते वाले बूढ़े आदमी के चेहरे के भाव देखकर लगता है कि वह इस सबका गवाह है या फिर कोई बड़ा राज जानता है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में हर किरदार की अपनी एक अलग कहानी है। वह बार-बार इशारे कर रहा था, शायद वह हरे जैकेट वाले को रोकना चाहता था या फिर नकाबपोश से डर रहा था।
नकाबपोश का पानी में छलांग लगाना और फिर वापस आकर हमला करना, यह सीन किसी एक्शन मूवी से कम नहीं था। ब्लाइंड डेट से दिल तक के एक्शन सीन्स की कोरियोग्राफी बहुत शानदार है। हरे जैकेट वाले ने भी कमाल की बहादुरी दिखाई, वह घायल होने के बावजूद डटा रहा।