यह दृश्य देखकर मेरी सांसें रुक गईं! एक तरफ आधुनिक बिलियर्ड्स क्लब की चमक-धमक है और दूसरी तरफ पारंपरिक वेशभूषा में एक योद्धा। हरे जैकेट वाले नायक ने जब मुक्का चलाया, तो लगा जैसे ब्लाइंड डेट से दिल तक का कोई एक्शन सीन हो। दर्शकों के चेहरे पर डर और आश्चर्य साफ झलक रहा था। यह टकराव सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग दुनियाओं का संघर्ष लग रहा था।
जब वह लड़ाई शुरू हुई, तो सफेद ब्लेजर वाली महिला का चेहरा देखने लायक था। उसकी आंखों में इतना डर था कि लग रहा था जैसे वह चीखने वाली हो। शायद वह ब्लाइंड डेट से दिल तक की किसी पात्र की तरह महसूस कर रही थी जो अनचाहे हालात में फंस गई हो। उसका साथ खड़ी लड़की भी सहमी हुई थी। इन दोनों के रिएक्शन ने इस फाइट सीन को और भी ड्रामेटिक बना दिया।
वह आदमी जिसने काले कोट में सफेद डिजाइन पहना था, वह सब कुछ बहुत शांति से देख रहा था। उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी, जैसे उसे पहले से पता हो कि क्या होने वाला है। क्या वह ब्लाइंड डेट से दिल तक का कोई विलेन है जो इस लड़ाई के पीछे का मास्टरमाइंड है? उसकी चुप्पी और ठंडा मिजाज बाकी सबके शोर-शराबे के बीच बहुत अलग लग रहा था।
शुरुआत में तो लगा कि नीली पगड़ी वाला योद्धा बहुत ताकतवर है, लेकिन हरे जैकेट वाले ने उसे आसानी से पछाड़ दिया। जब उसने उसे बिलियर्ड्स टेबल पर पटका, तो लगा जैसे ब्लाइंड डेट से दिल तक का कोई क्लाइमेक्स सीन हो। फिर भी, उस योद्धा ने हार नहीं मानी और बार-बार उठकर हमला किया। उसकी जिद्द और जज्बात देखकर लगता है कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
यह पूरा दृश्य एक बहुत ही आधुनिक और स्टाइलिश बिलियर्ड्स क्लब में सेट है। नीली और हरी लाइट्स, चमकदार टेबल, और पीछे की दीवार पर अंतरिक्ष यात्री का पोस्टर - सब कुछ बहुत ही फिल्मी लग रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे ब्लाइंड डेट से दिल तक की शूटिंग किसी हाई-बजट सेट पर हो रही हो। यह माहौल इस लड़ाई को और भी रोमांचक बना रहा था।