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रूप का धोखावां1एपिसोड

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रूप का धोखा

तारा शेट्टी ने अर्जुन राठौर से बीस साल प्यार किया। एक भयानक आग में उसकी जान बचाने के लिए तारा ने अपनी पूरी त्वचा दान कर दी, जिससे उसका चेहरा बिगड़ गया और उसे कैंसर की आख़िरी स्टेज हो गई। अर्जुन होश में आया तो तनु शेट्टी के झूठ में फँसकर तारा को ही ठुकराने लगा। आख़िरी दिनों में तारा ने दर्द सहकर त्वचा प्रत्यारोपण से नया चेहरा बनाया और तीन छोटी‑सी ख्वाहिशें मांगी। लेकिन तनु की चालें बढ़ती गईं और एक दिन सबके सामने तारा का नया चेहरा पिघल गया, और सच सामने आते ही अर्जुन की दुनिया बिखर गई।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बहन का धोखा

तनु शेट्टी का किरदार सबसे ज्यादा घृणित लगा। अपनी ही बहन के पति के साथ वो नज़दीकियां। और तारा का चुपचाप सब सहना। रूप का धोखा में दिखाया गया है कैसे खून के रिश्ते भी टूट जाते हैं। वो शीशे में अपना चेहरा देखती है, पर असली चेहरा तो तनु का है।

सर्जरी का रहस्य

डॉक्टर का वो चेहरा जब उसने तारा से कहा कि सब ठीक हो जाएगा, पर असल में वो झूठ बोल रहा था। रूप का धोखा में मेडिकल थ्रिलर का भी तड़का है। तारा का जलना, फिर नया चेहरा पाना... ये सब इतनी तेजी से हुआ कि सांस रुक गई।

बच्चे का खिलौना

वो छोटा बच्चा जब तारा को टेडी बियर देता है, और वो गिर पड़ती है... उस पल लगा जैसे दुनिया भर का बोझ उसके कंधों पर आ गया। रूप का धोखा में हर छोटी चीज़ बड़ी कहानी कहती है। तारा की मासूमियत अभी भी बाकी है, भले ही चेहरा बदल गया हो।

आरती का साथ

आरती शर्मा जैसे दोस्त मिले तो जिंदगी आसान हो जाए। तारा के सबसे बुरे वक्त में वो उसके साथ खड़ी रही। रूप का धोखा में दोस्ती की परिभाषा नई लगती है। जब सबने पीठ दिखाई, आरती ने हाथ थामा। ऐसे रिश्ते ही असली होते हैं।

अर्जुन की बेवफाई

अर्जुन राठौर का किरदार देखकर गुस्सा आता है। तारा के जलने के बाद भी वो तनु के साथ मस्ती कर रहा था। रूप का धोखा में प्यार की असली परीक्षा होती है। वो शराब पी रहा था, जब तारा अस्पताल में तड़प रही थी। कैसा इंसान है ये।

शीशे में नया चेहरा

जब तारा ने पहली बार शीशे में अपना नया चेहरा देखा, तो उसकी आँखों में हैरानी और डर दोनों था। रूप का धोखा में ये पल सबसे ज्यादा यादगार है। वो छूती है अपने गाल को, जैसे यकीन न हो रहा हो कि वो फिर से सुंदर है।

अस्पताल की ठंडक

अस्पताल के वो कोरिडोर, वो नीली रोशनी, तारा का अकेले चलना... सब कुछ इतना उदास था। रूप का धोखा में माहौल ही कहानी का हिस्सा बन जाता है। जब वो डॉक्टर से कागज़ लेती है, तो लगता है जैसे मौत का फरमान मिल गया हो।

तारा की ताकत

इतना सब सहने के बाद भी तारा शेट्टी हारी नहीं। रूप का धोखा में हीरोइन की ताकत दिखाई गई है। वो गिरती है, पर उठती है। उसका हर कदम संघर्ष है। जब वो अर्जुन के कमरे के बाहर खड़ी होती है, तो लगता है अब बदलाव आएगा।

नेटशॉर्ट का जादू

नेटशॉर्ट ऐप पर रूप का धोखा देखना एक अलग अनुभव था। हर एपिसोड के बाद रुकना मुश्किल हो जाता है। तारा की कहानी इतनी रियल लगी कि लगा जैसे मैं भी वहीं हूं। ऐसे शो ही असली मनोरंजन हैं। सबको देखना चाहिए।

चेहरे का सच

तारा शेट्टी की आँखों में वो दर्द देखा जो शब्दों में बयां नहीं हो सकता। जब उसने अर्जुन राठौर को अपनी बहन के साथ देखा, तो टूट गई। रूप का धोखा सिर्फ चेहरे का नहीं, रिश्तों का भी होता है। अस्पताल का वो दृश्य जहाँ वो गिर पड़ी, दिल को चीर गया।