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बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मनवां16एपिसोड

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बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन

बृंदा वर्मा, एक अमीर खानदान की असली ताकत, अपने बूढ़े कुत्ते शेरू के साथ क्रूज पर चढ़ती है ताकि अपने बेटे कमल की मंगेतर आलिया से मिल सके। पहचान की एक छोटी सी गलती क्रूरता, लालच और बढ़ते जुल्म को जन्म देती है। जैसे-जैसे झूठ बढ़ते हैं और समुद्र में हिंसा फैलती है, सच्चाई करीब आती जाती है, किनारे पर पहुँचने से पहले ही सब कुछ तोड़ने की धमकी देते हुए।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तनाव से भरा दृश्य

इस दृश्य में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस रुक जाती है। एलिस की मुस्कान में जो खतरनाकपन है,वह रोंगटे खड़े कर देता है। जब वे उसे जबरदस्ती नहाने वाले टब की ओर घसीटते हैं,तो लगता है कि अब कुछ भी हो सकता है। बेटे की मंगेतर,माँ की दुश्मन की कहानी हर मोड़ पर चौंकाने वाली है। अभिनय इतना वास्तविक लगता है कि दर्शक खुद को उस स्थिति में महसूस करने लगते हैं। यह दृश्य पूरी श्रृंखला का सबसे तनावपूर्ण हिस्सा साबित हुआ है।

कुत्ते और इंसान का फर्क

टब में पालतू कुत्ते को नहलाया जा रहा है और वहीं दूसरी ओर एक इंसान के साथ ऐसा व्यवहार। यह विरोधाभास बहुत गहरा और दर्दनाक है। सूट वाले व्यक्ति की पकड़ इतनी सख्त है कि लगता है वह उसे छोड़ेगा नहीं। डेजी और एलिस दोनों ही बिना किसी रहम के काम कर रही हैं। इस शो में दिखाई गई मानसिक यातना दिल दहला देती है। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव बहुत रोमांचक रहा है क्योंकि हर सीन में नया मोड़ है।

आंसू और डर

पीड़ित महिला के चेहरे पर चोट के निशान और आंसू किसी का भी दिल पिघला देंगे। उसकी आंखों में जो डर है,वह साफ झलक रहा है। एलिस का किरदार इतना नकारात्मक है कि उसे देखकर गुस्सा आता है। बेटे की मंगेतर,माँ की दुश्मन में ऐसे सीन हैं जो लंबे समय तक याद रहते हैं। कैमरा एंगल ने इस स्थिति की गंभीरता को बहुत अच्छे से कैद किया है। मुझे लगता है कि यह कहानी आगे चलकर और भी रोचक मोड़ लेगी।

कमरे में क्रूरता

विलासिता वाले कमरे में हो रही यह क्रूरता किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। सफेद दीवारें और साफ सफाई के बीच हो रहा यह अत्याचार विचित्र लगता है। सूट वाले आदमी की हंसी सबसे ज्यादा डरावनी थी। जब वह उसके सिर को पकड़ता है,तो लगता है कि अब बचना नामुमकिन है। इस ड्रामे की कहानी में जो गहराई है,वह आम धारावाहिकों में नहीं मिलती। दर्शक के रूप में मैं इस अगली कड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।

सत्ता का दुरुपयोग

एलिस और डेजी की वर्दी देखकर लगता है कि वे होटल स्टाफ हैं,लेकिन उनका व्यवहार किसी जेलर जैसा है। वे बिना किसी भावना के अपना काम कर रही हैं। यह दिखाता है कि सत्ता का दुरुपयोग कैसे किया जा सकता है। बेटे की मंगेतर,माँ की दुश्मन की पटकथा बहुत मजबूत है। अभिनेत्री ने दर्द को बहुत खूबसूरती से व्यक्त किया है। यह दृश्य समाज में हो रहे भेदभाव की भी एक कड़वी सच्चाई को दर्शाता है जो सोचने पर मजबूर कर देता है।

गहरा व्यंग्य

कुत्ते के सुरक्षित होने का संदेश ऊपर लिखा है,लेकिन इंसान के साथ हो रहे व्यवहार पर कोई ध्यान नहीं। यह व्यंग्य बहुत गहरा है। पानी का बहाव और उस महिला की चीखें एक साथ गूंज रही हैं। मुझे लगा कि मैं भी वहीं मौजूद हूं और कुछ नहीं कर सकता। नेटशॉर्ट पर वीडियो की गुणवत्ता बहुत साफ है जिससे हर भावना स्पष्ट दिखती है। यह शो सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक कड़वा अनुभव भी प्रदान करता है जो जरूरी है।

खतरनाक मुस्कान

ब्लोंड महिला की ठंडी नजरें और फिर मुस्कान,यह कॉम्बिनेशन बहुत खतरनाक है। वह जानबूझकर उसे तकलीफ दे रही है। जब वह उसके करीब झुकती है तो लगता है कि वह कुछ फुसफुसा रही है। बेटे की मंगेतर,माँ की दुश्मन में किरदारों की गहराई लाजवाब है। हर व्यक्ति के पास कोई न कोई छिपा हुआ मकसद जरूर है। यह दृश्य बताता है कि कैसे पैसे और ताकत के आगे इंसानियत खत्म हो जाती है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है।

चीखें और खामोशी

उस महिला की चीखें सुनकर रूह कांप जाती है। वह मदद के लिए देख रही है लेकिन वहां कोई नहीं है। सूट वाले व्यक्ति का रवैया बताता है कि वह इस सबका मालिक है। डेजी चुपचाप सब देख रही है जो उसे और भी खतरनाक बनाता है। इस श्रृंखला में दिखाई गई सत्ता की भूख बहुत ही वास्तविक लगती है। मुझे यह पसंद आया कि कैसे बिना ज्यादा संवाद के ही सब कुछ समझा दिया गया। यह एक उत्कृष्ट दृश्य है जो बारबार देखने को मजबूर करता है।

सफेद टब का काला खेल

टब का सफेद रंग और पानी की सफाई के बीच हो रहा यह काला खेल बहुत प्रभावशाली है। जब कुत्ते को नहलाया जाता है तो लगता है कि उसे इंसान से ज्यादा अहमियत दी गई है। बेटे की मंगेतर,माँ की दुश्मन की कहानी में ऐसे कई मोड़ हैं जो दिमाग हिला देते हैं। अभिनय इतना स्वाभाविक है कि लगता है यह कोई वास्तविक घटना है। मैं इस कहानी के आगे क्या होता है यह जानने के लिए बहुत उत्सुक हूं। हर कड़ी के बाद रहस्य बढ़ता जाता है।

लाचारी की तस्वीर

अंत में जब वह रो रही होती है और उसे पकड़कर रखा जाता है,तो लाचारी साफ दिखती है। एलिस का चेहरा जीतने वाला लग रहा है। यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं बल्कि एक मनोवैज्ञानिक युद्ध है। नेटशॉर्ट पर ऐसी सामग्री मिलना दुर्लभ है जो इतना गहरा असर छोड़े। यह शो देखने के बाद मैंने कई बार सोचा कि क्या ऐसा सच में हो सकता है। कलाकारों की मेहनत साफ झलकती है और यह एक बेहतरीन कृति है।