PreviousLater
Close

बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मनवां30एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन

बृंदा वर्मा, एक अमीर खानदान की असली ताकत, अपने बूढ़े कुत्ते शेरू के साथ क्रूज पर चढ़ती है ताकि अपने बेटे कमल की मंगेतर आलिया से मिल सके। पहचान की एक छोटी सी गलती क्रूरता, लालच और बढ़ते जुल्म को जन्म देती है। जैसे-जैसे झूठ बढ़ते हैं और समुद्र में हिंसा फैलती है, सच्चाई करीब आती जाती है, किनारे पर पहुँचने से पहले ही सब कुछ तोड़ने की धमकी देते हुए।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

खतरे की घंटी

इस दृश्य में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस रुक जाती है। ब्लॉन्ड महिला की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा है। घायल लड़की की हालत देखकर दिल दहल गया। सिरिंज वाला सीन तो बहुत ही डरावना था। इस शो बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में ऐसे मोड़ आते रहते हैं जो चौंका देते हैं। एक्टिंग बहुत लाजवाब है और हर पल कुछ नया होता है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मजा ही अलग है।

जख्मी दिल की कहानी

पट्टी बांधे चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था। ब्लैक कोट वाली महिला का रवैया बहुत खतरनाक लग रहा था। कमरे का माहौल इतना भारी था कि लग रहा था कुछ भी हो सकता है। तीसरी महिला चुपचाप सब देख रही थी जो शक पैदा करता है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम साबित होगा। कैमरा वर्क और लाइटिंग ने डर को बढ़ा दिया है।

सिरिंज का खौफ

जब उसने सिरिंज उठाई तो पूरी स्क्रीन पर सन्नाटा छा गया। घायल महिला की आंखों में मौत का डर साफ दिख रहा था। यह सीन बताता है कि दुश्मनी कितनी गहरी है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में ऐसे सीन बार-बार देखने को मिलते हैं। किरदारों के बीच की नफरत साफ झलकती है। यह थ्रिलर मुझे बहुत पसंद आ रहा है और मैं अगला एपिसोड देखने के लिए बेताब हूं।

धोखे का खेल

काले चमड़े का कोट पहनी महिला का किरदार बहुत रहस्यमयी लग रहा है। वह किसका साथ दे रही है यह अभी साफ नहीं है। ब्लॉन्ड महिला का गुस्सा काबू से बाहर लग रहा था। बिस्तर पर लेटी लड़की बेचारी कुछ कर नहीं पा रही थी। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन की पटकथा बहुत मजबूत है। हर किरदार के अपने मकसद हैं जो कहानी को आगे बढ़ाते हैं।

अस्पताल का डर

यह कमरा अस्पताल जैसा लग रहा था लेकिन माहौल बिल्कुल अलग था। यहां इलाज नहीं मौत का खेल हो रहा था। घायल महिला की चीखें सुनकर रोंगटे खड़े हो गए। ब्लॉन्ड महिला का मेकअप और कपड़े बहुत स्टाइलिश थे। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में विजुअल्स पर बहुत ध्यान दिया गया है। नेटशॉर्ट ऐप की क्वालिटी भी बहुत अच्छी है जिससे देखने में मजा आता है।

गुस्से की आग

ब्लॉन्ड महिला के चेहरे के भाव बहुत खतरनाक थे। उसने जैसे ही सुई उठाई सबकी सांसें थम गईं। घायल लड़की की हालत पर किसी को तरस नहीं आ रहा था। यह दिखाता है कि रिश्ते कैसे दुश्मनी में बदल सकते हैं। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में ऐसे ही इमोशनल ड्रामे देखने को मिलते हैं। डायलॉग डिलीवरी भी बहुत दमदार लग रही थी इस सीन में।

मौत का साया

इस एपिसोड में जो ट्विस्ट आया वह किसी ने नहीं सोचा था। तीनों महिलाओं के बीच की दुश्मनी साफ झलक रही थी। घायल महिला की आंखों में आंसू और डर दोनों थे। ब्लैक जैकेट वाली महिला बहुत क्रूर लग रही थी। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन की कहानी हर पल नया मोड़ लेती है। मुझे यह सीरीज बहुत पसंद आ रही है और मैं इसे सबको सुझाव दूंगी।

खूबसूरत पर खतरनाक

ब्लॉन्ड महिला बहुत खूबसूरत है लेकिन उसका इरादा बहुत खतरनाक है। गुलाबी शर्ट और काला कोट उसकी पर्सनालिटी को बढ़ा रहा था। घायल लड़की की मासूमियत देखकर बुरा लग रहा था। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में किरदारों की डिजाइनिंग बहुत अच्छी है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट मिलना दुर्लभ है जो इतना प्रभावशाली हो।

बदले की आग

यह सीन बदले की आग को बहुत अच्छे से दिखाता है। एक तरफ ताकतवर महिला है तो दूसरी तरफ बेचारी घायल लड़की। तीसरी महिला बस तमाशबीन बनकर खड़ी थी। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में पावर डायनामिक बहुत दिलचस्प है। हर एपिसोड के बाद सस्पेंस बढ़ता जाता है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है और मैं आगे क्या होगा यह जानने के लिए उत्सुक हूं।

अंतिम वार

सुई हाथ में लेते ही लग रहा था कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। घायल महिला की चीखें कमरे में गूंज रही थीं। ब्लॉन्ड महिला का चेहरा पत्थर जैसा सख्त था। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन का अंत बहुत धमाकेदार होने वाला है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह शो देखना मेरी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। एक्टिंग और डायरेक्शन दोनों ही बेहतरीन हैं।