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बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मनवां44एपिसोड

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बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन

बृंदा वर्मा, एक अमीर खानदान की असली ताकत, अपने बूढ़े कुत्ते शेरू के साथ क्रूज पर चढ़ती है ताकि अपने बेटे कमल की मंगेतर आलिया से मिल सके। पहचान की एक छोटी सी गलती क्रूरता, लालच और बढ़ते जुल्म को जन्म देती है। जैसे-जैसे झूठ बढ़ते हैं और समुद्र में हिंसा फैलती है, सच्चाई करीब आती जाती है, किनारे पर पहुँचने से पहले ही सब कुछ तोड़ने की धमकी देते हुए।
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इस एपिसोड की समीक्षा

कर्ज का बोझ और गुस्सा

शुरुआत ही धमाकेदार होती है जब ब्लॉन्ड लड़की को फोन पर कर्ज का नोटिस मिलता है। पांच मिलियन डॉलर का बोझ किसी पर भी टूट पड़े तो हालत ऐसी ही होती है। उसकी चलने की अदा में एक अजीब सा गुस्सा साफ झलक रहा था। यह ड्रामा बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन वाकई दिलचस्प मोड़ ले रहा है। देखने वाला हर पल बंधा रहता है कि आगे क्या होगा। कॉफी स्टूडियो वाला सीन तो क्लासिक है। पात्रों के बीच की रसायन बहुत तेज है।

कॉफी वाला हादसा

बुजुर्ग महिला की सफेद कोट पर कॉफी गिरना कोई साधारण दुर्घटना नहीं लग रही थी। उसकी नाराजगी और गुस्सा देखकर लगता है कि यह जानबूझकर किया गया था। ब्लॉन्ड लड़की की माफी में भी एक चुनौती थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखने का मजा ही अलग है। कहानी में कितना उतार चढ़ाव है यह बताता है कि बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन कितनी गहरी साजिश रच रही है। हर एपिसोड में नया ट्विस्ट है।

सड़क पर खतरनाक मोड़

सड़क पर भागते हुए एक्सीडेंट का शिकार होना कहानी को एकदम नया मोड़ देता है। क्या यह हादसा था या कोई साजिश? लड़की का जमीन पर गिरना दिल दहला देने वाला था। अब सवाल यह है कि वह बचेगी या नहीं। इस सीरीज का हर एपिसोड सस्पेंस से भरा है। पात्रों के बीच की दुश्मनी साफ दिख रही है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में जानलेवा खेल चल रहा है। दर्शक हैरान रह जाते हैं।

अमीरी और शांति का विरोधाभास

अमीर आदमी और लाल बालों वाली महिला का सीन बिल्कुल अलग माहौल दिखाता है। समुद्र किनारे टेरेस पर शांति थी लेकिन बातचीत में गंभीरता थी। कुत्ते को गोद में लेकर बात करना एक अजीब सुकून देता है। शायद यह वही परिवार है जिससे ब्लॉन्ड लड़की का वास्ता है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन का टाइटल यहीं सार्थक होता है। विलासिता और गरीबी का टकराव है।

विजुअल और कपड़े

कपड़ों का स्टाइल और सेटिंग बहुत शानदार हैं। पुरानी इमारतें और आधुनिक महल दोनों का कंट्रास्ट आंखों को सुकून देता है। ब्लॉन्ड लड़की के फटे हुए कपड़े उसकी मजबूरी बताते हैं। वहीं अमीर वर्ग की चमक दिखती है। यह वर्ग संघर्ष कहानी को और रोचक बनाता है। नेटशॉर्ट पर क्वालिटी बहुत अच्छी है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में विजुअल भी कहानी कहते हैं।

बुजुर्ग महिला का गुस्सा

गुस्से में चिल्लाती हुई बुजुर्ग महिला का किरदार बहुत मजबूत है। उसके गहने और टोपी उसकी हैसियत बताते हैं। जब उसकी कोट खराब हुई तो उसका गुस्सा देखने लायक था। लगता है वह इस लड़की को बर्दाश्त नहीं कर सकती। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में यही टकराव मुख्य है। हर डायलॉग में वजन है। अभिनय बहुत लाजवाब है।

पैसे का खेल

फोन मैसेज पढ़ते ही लड़की के चेहरे के भाव बदल जाते हैं। डर और गुस्सा दोनों एक साथ दिख रहे थे। पांच करोड़ का कर्ज चुकाना आसान नहीं है। शायद इसी वजह से वह उस अमीर घर से जुड़ना चाहती है। कहानी में पैसे का खेल बहुत बड़ा है। दर्शक को हर पल हैरानी होती है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में भावनाएं साफ दिखती हैं।

एक्सीडेंट के बाद का सस्पेंस

एक्सीडेंट के बाद का सीन बहुत दर्दनाक था। लड़की बेहोश पड़ी थी और खून भी दिख रहा था। अब कहानी में ट्विस्ट आएगा। क्या अमीर आदमी उसकी मदद करेगा? यह जानने के लिए मैं नेटशॉर्ट ऐप पर अगला एपिसोड देखने का इंतजार कर रहा हूं। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन का क्लाइमेक्स पास है। रोमांच बना हुआ है।

लाल बालों वाली महिला का राज

लाल बालों वाली महिला की आंखों में एक अलग ही चमक है। वह कुत्ते से प्यार करती है लेकिन बातचीत में ठंडक है। शायद वह भी इस खेल का हिस्सा है। अमीर आदमी का फोन पर बात करना बताता है कि बिजनेस चल रहा है। इन सब के बीच गरीब लड़की फंस गई है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में जाल बुना गया है।

कुल मिलाकर बेहतरीन

कुल मिलाकर यह ड्रामा भावनाओं से भरा है। नफरत, पैसे, दुर्घटना और अमीरी सब कुछ है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन नाम ही काफी है कहानी बताने के लिए। मुझे यह सीरीज बहुत पसंद आ रही है। हर सीन में कुछ नया है। आप भी जरूर देखें। नेटशॉर्ट पर मिलने वाला अनुभव बेहतरीन है। कहानी में दम है।