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बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मनवां20एपिसोड

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बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन

बृंदा वर्मा, एक अमीर खानदान की असली ताकत, अपने बूढ़े कुत्ते शेरू के साथ क्रूज पर चढ़ती है ताकि अपने बेटे कमल की मंगेतर आलिया से मिल सके। पहचान की एक छोटी सी गलती क्रूरता, लालच और बढ़ते जुल्म को जन्म देती है। जैसे-जैसे झूठ बढ़ते हैं और समुद्र में हिंसा फैलती है, सच्चाई करीब आती जाती है, किनारे पर पहुँचने से पहले ही सब कुछ तोड़ने की धमकी देते हुए।
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इस एपिसोड की समीक्षा

ऑफिस का गुस्सा

शुरू में ही बॉस का फोन देखकर गुस्सा साफ झलक रहा था। कर्मचारी लाइन में खड़े थे और माहौल बहुत भारी लग रहा था। ऐसा लगता है कि एलिस के फोन ने सब बदल दिया। इस शो बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में हर पल नया मोड़ आ रहा है। देखने वालों को यह पसंद आएगा क्योंकि इसमें ड्रामा बहुत है। एक्टिंग भी बहुत नेचुरल लग रही है।

एलिस का रवैया

एलिस का व्यवहार ज़मीन पर गिरी लड़की के साथ बिल्कुल सही नहीं लग रहा। उसकी आँखों में नफरत साफ दिख रही थी। डेजी भी चुपचाप सब देख रही थी। कहानी में यह दुश्मनी क्यों है यह जानना जरूरी है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन सीरीज में ऐसे ही ट्विस्ट देखने को मिलते हैं। बहुत ही रोचक लग रहा है। मुझे यह पता चलना है कि आखिर हुआ क्या था।

चोट और दर्द

लाल बालों वाली लड़की के चेहरे पर चोट के निशान दिल दहला देने वाले थे। वह दर्द से कराह रही थी लेकिन एलिस को कोई फर्क नहीं पड़ा। यह शक्ति का दुरुपयोग लग रहा है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन जैसे शो में भावनाएं बहुत गहरी दिखाई जाती हैं। मुझे यह कहानी आगे कैसे बढ़ती है यह देखना है। यह दृश्य बहुत ही इमोशनल था।

नया आगंतुक

जब वह सूट वाला व्यक्ति कमरे में आया तो माहौल बदल गया। उसका चेहरा गुस्से से भरा हुआ था। शायद वह उस गिरी हुई लड़की को बचाने आया है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में रिश्तों की यह उलझन बहुत अच्छी लगती है। हर किरदार का अपना मकसद लग रहा है। दर्शकों के लिए यह एक सरप्राइज हो सकता है। कहानी में दम है।

पावर डायनामिक्स

यूनिफॉर्म वाली लड़कियों का रवैया बहुत ऊंचा दिखाया गया है। वे खुद को बहुत ताकतवर समझ रही हैं। लेकिन असली ताकत कौन है यह अभी साफ नहीं है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में ऐसे ही पावर गेम्स खेलें जाते हैं। यह दृश्य बहुत ही तीव्र था और दर्शकों को बांधे रखता है। मुझे अगला एपिसोड देखने की जल्दी है। बहुत बढ़िया।

डेजी की चुप्पी

डेजी वहां खड़ी थी लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। शायद वह डरी हुई थी या फिर उसके पास कोई प्लान है। एलिस के साथ उसकी दोस्ती कैसी है यह भी एक राज है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में छोटे किरदार भी बहुत अहम होते हैं। यह सस्पेंस बना रहना चाहिए। वीडियो की क्वालिटी भी बहुत अच्छी लग रही है। मुझे पसंद आया।

बदला की आग

ऐसा लग रहा है कि यह सब किसी बदले की कहानी का हिस्सा है। एलिस की आँखों में बदला साफ दिख रहा था। ज़मीन पर गिरी लड़की बेचारी लग रही थी। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन जैसे ड्रामे में बदला ही मुख्य थीम होता है। यह कहानी आगे जाकर बहुत बड़ा रूप ले सकती है। देखने में बहुत मज़ा आ रहा है। कहानी जबरदस्त है।

सिनेमेटोग्राफी

कैमरा एंगल्स बहुत ही ड्रामेटिक थे। जब एलिस ऊपर से देख रही थी तो वह बहुत खतरनाक लग रही थी। रोशनी और सेटिंग भी ऑफिस जैसी सही थी। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन की प्रोडक्शन वैल्यू बहुत अच्छी लगती है। हर फ्रेम में एक कहानी कही गई है। यह वीडियो देखकर मैं हैरान रह गया। बहुत ही शानदार काम है। पसंद आया।

भावनात्मक टकराव

जब उस लड़की को उठाया गया तो उसका दर्द साफ झलक रहा था। यह सिर्फ शारीरिक चोट नहीं बल्कि भावनात्मक चोट भी लग रही थी। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में ऐसे ही इमोशनल पल देखने को मिलते हैं। अभिनय बहुत ही असली लग रहा था। मुझे इन किरदारों के लिए बुरा लग रहा है। कहानी बहुत गहरी है। दिल को छू गया।

अगला मोड़

अब यह देखना बाकी है कि वह सूट वाला व्यक्ति क्या करता है। क्या वह बचाने आए हैं या और मुसीबत बनने? बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में हर एपिसोड में नया ट्विस्ट आता है। यह अनिश्चितता ही इस शो की खासियत है। मैं अगले पार्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। यह वीडियो बहुत ही रोमांचक था। मज़ा आ गया।