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बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मनवां6एपिसोड

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बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन

बृंदा वर्मा, एक अमीर खानदान की असली ताकत, अपने बूढ़े कुत्ते शेरू के साथ क्रूज पर चढ़ती है ताकि अपने बेटे कमल की मंगेतर आलिया से मिल सके। पहचान की एक छोटी सी गलती क्रूरता, लालच और बढ़ते जुल्म को जन्म देती है। जैसे-जैसे झूठ बढ़ते हैं और समुद्र में हिंसा फैलती है, सच्चाई करीब आती जाती है, किनारे पर पहुँचने से पहले ही सब कुछ तोड़ने की धमकी देते हुए।
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इस एपिसोड की समीक्षा

एलिस का घमंड टूटेगा

एलिस का व्यवहार देखकर बहुत गुस्सा आ रहा है। उसने कागज फाड़ दिए और उस महिला को जमीन पर गिराया। यह सीन बहुत तनावपूर्ण है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में ऐसे ट्विस्ट उम्मीद नहीं थे। डेजी भी चुप खड़ी है। कोई मदद नहीं कर रहा। यह सत्ता संतुलन बहुत गहरा है।

दर्दनाक सीन देखकर

उस लड़की की आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। फोन में फोटो देखकर शायद यादें ताजा कर रही थी। एलिस ने उसकी इज्जत की धज्जियां उड़ाई। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन का यह एपिसोड दिल तोड़ने वाला था। बहुत दुख हुआ देखकर। अभिनय बहुत असली लगा।

कागजात का क्या हुआ

साझा हस्तांतरण समझौता फाड़ना मतलब सब खत्म। एलिस को लगता है वो सब कुछ नियंत्रण कर सकती है। पर क्या वो सच में जीतेगी? बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में अभी और खुलासे बाकी हैं। कहानी आगे क्या होगी। दर्शक बेसब्री से देखेंगे।

डेजी की चुप्पी

डेजी बस देखती रही, उसने मदद क्यों नहीं की? शायद वो भी डर गई थी। एलिस का प्रभुत्व सब पर भारी है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन की कहानी जटिल होती जा रही है। हर किरदार का अपना रंग है। यह ड्रामा बहुत पसंद आया।

बैग का अपमान

बैग को पैरों तले रखना बहुत बुरा लगा। यह सिर्फ चीजों का अपमान नहीं, इंसान का अपमान था। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में भावनाएं चरम पर हैं। दर्शकों को यह पसंद आएगा। सीन बहुत यादगार बन गया।

कमरे का माहौल

स्टोर रूम का सीन बहुत घुटने वाला था। लाल बालों वाली महिला असहाय थी। एलिस के सफेद दस्ताने उसकी ताकत दिखा रहे थे। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन की निर्माण गुणवत्ता अच्छी है। सेटिंग बहुत वास्तविक है। माहौल बहुत तनावपूर्ण था।

खुशी से गम तक

शुरू में फोन पृष्ठभूमि में खुशी थी, अब जमीन पर गिरायी हुई है। जीवन कितना बदल जाता है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में यह विपर्यास बहुत स्पष्ट था। कहानी में गहराई है। यह सोचने पर मजबूर कर देता है।

एलिस की एंट्री

एलिस की वर्दी और उसका व्यवहार मैच कर रहा था। उसने बिना बोले ही सब कुछ कह दिया। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन की खलनायक प्रवेश शानदार थी। अभिनय बहुत स्वाभाविक लगा। संवाद वितरण उत्कृष्ट था।

कागज फाड़ने की आवाज

कागज फाड़ने की आवाज तक महसूस हो रही थी। इतना गुस्सा क्यों? क्या बदला है? बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में राज खुलने वाले हैं जल्द। रहस्य बना हुआ है। अगला एपिसोड कब आएगा।

सांस रोक कर देखा

पूरे सीन में सांस रोक कर देखना पड़ा। क्या अगला कदम क्या होगा? बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन ने हमेशा आश्चर्य दिया है। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा आया। कहानी बहुत रोचक है।