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बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मनवां43एपिसोड

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बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन

बृंदा वर्मा, एक अमीर खानदान की असली ताकत, अपने बूढ़े कुत्ते शेरू के साथ क्रूज पर चढ़ती है ताकि अपने बेटे कमल की मंगेतर आलिया से मिल सके। पहचान की एक छोटी सी गलती क्रूरता, लालच और बढ़ते जुल्म को जन्म देती है। जैसे-जैसे झूठ बढ़ते हैं और समुद्र में हिंसा फैलती है, सच्चाई करीब आती जाती है, किनारे पर पहुँचने से पहले ही सब कुछ तोड़ने की धमकी देते हुए।
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इस एपिसोड की समीक्षा

अपमान की हद

इस दृश्य में तनाव साफ़ झलकता है। सफेद सूट वाला शख्स कितना घमंडी लग रहा है जब वो दोनों महिलाओं को जमीन पर देख रहा है। काली ड्रेस वाली लड़की की आँखों में आंसू और गुस्सा दोनों हैं। सिर्फ पैसे के लिए इतनी बेज्जती?बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन सीरीज में ऐसे मोड़ देखकर दिल दहल गया। कानूनी नोटिस पार्टी के बीच में सुपुर्द करना सच में चौंकाने वाला था। हर कोई हैरान है।

पांच करोड़ का सवाल

सिविल समन्स देखकर हैरानी हुई। क्या सच में इतना बड़ा दावा है?हल्के रंग की ड्रेस वाली लड़की रो रही है और ब्लोंड वाली चुपचाप सब सह रही है। अमीरों की दुनिया में रिश्ते कागज के टुकड़ों से ज्यादा कीमती नहीं लगते। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन की कहानी में ये कानूनी पेंच बहुत गहरा है। सफेद जैकेट वाला शख्स बिना पलके झपकाए सब देख रहा है। उसकी खामोशी डरा रही है।

जमीन पर बैठे अहंकार

फर्श पर बैठे हुए भी ब्लोंड लेडी की खूबसूरती फीकी नहीं पड़ी। लेकिन हालात बहुत खराब हैं। सुरक्षाकर्मी खड़ा है और मालिक जैसा शख्स हुक्म चला रहा है। ये सिर्फ एक पार्टी नहीं, बदले की आग है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में हर किरदार की नियत साफ़ दिख रही है। वो कागजात क्या साबित करेंगे?देखने वालों की सांसें रुक गई हैं। सब कुछ अनिश्चित है।

आंसू और कागजात

दूसरी लड़की का रोना दिल को छू गया। उसे शायद इसकी उम्मीद नहीं थी। वकील का लिफाफा खुलते ही सब बदल गया। सफेद सूट वाले की खामोशी सबसे डरावनी है। वो कुछ बोल नहीं रहा बस देख रहा है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन के इस एपिसोड में पावर गेम साफ़ दिखता है। काली ड्रेस वाली अब क्या करेगी?उसकी चाल देखने लायक होगी। कोई मदद को नहीं आया।

बदले की आग

पार्टी के माहौल में ये कानूनी कार्रवाई बहुत अजीब लगी। लगता है पहले से कोई साजिश रची गई थी। ब्लोंड लेडी के सिर पर पंख वाला हेडबैंड बहुत खूबसूरत है पर हालत खराब हैं। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में ट्विस्ट के ऊपर ट्विस्ट आ रहे हैं। सफेद जैकेट वाला शख्स जानबूझकर उन्हें नीचा दिखा रहा है। ये अंत नहीं बस शुरुआत है। माहौल बहुत गंभीर है।

घमंडी मालिक

उसकी आँखों में नफरत साफ़ दिख रही है। वो दोनों को जमीन पर देखकर संतुष्ट लग रहा है। क्या ये बदला है या कोई और खेल?काली ड्रेस वाली लड़की अब भी हिम्मत नहीं हारी है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में हर मोड़ पर नया सवाल खड़ा होता है। पांच मिलियन डॉलर का मामला साधारण नहीं हो सकता। सबकी सांसें थमी हुई हैं। नतीजा क्या होगा?

पार्टी में तमाशा

मेहमानों के बीच ये सब हो रहा है और कोई बचाने नहीं आया। सफेद सूट वाला शख्स बहुत ताकतवर लग रहा है। सुरक्षा वाले भी उसके इशारे पर खड़े हैं। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में अमीरों का घमंड तोड़ा जाएगा या नहीं?ब्लोंड लेडी की आँखों में आंसू हैं पर वो टूटी नहीं है। ये जंग अभी बाकी है। देखने में बहुत मजा आ रहा है। कहानी आगे बढ़ेगी।

कानूनी पेंच

सिविल समन्स का मतलब है कोर्ट कचहरी। पार्टी छोड़कर अब जेल का डर सता रहा है। हल्के रंग की ड्रेस वाली लड़की तो टूट गई है। लेकिन काली ड्रेस वाली अभी भी संघर्ष कर रही है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में हर मोड़ पर नया सवाल खड़ा होता है। सफेद जैकेट वाला शख्स जीत गया या ये उसकी हार है?समय बताएगा। सब कुछ लटका हुआ है।

खामोश चीख

ब्लोंड लेडी कुछ बोल नहीं रही बस ऊपर देख रही है। उसकी खामोशी सबसे तेज चीख है। सफेद सूट वाला शख्स जानता है कि वो क्या कर रहा है। ये सिर्फ पैसे का मामला नहीं, इज्जत का सवाल है। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन में इमोशनल ड्रामा बहुत गहरा है। वो कागजात सब कुछ बदल सकते हैं। माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया है। कोई रास्ता नहीं बचा।

अंत या शुरुआत

वो शख्स चलता बना और दोनों को वहीं छोड़ दिया। ये कितना क्रूर हो सकता है। काली ड्रेस वाली लड़की अब उठेगी या वहीं गिरती रहेगी। बेटे की मंगेतर, माँ की दुश्मन की कहानी में ये क्लाइमेक्स से कम नहीं है। पांच करोड़ का दावा और बीच पार्टी में बेज्जती। अगला एपिसोड कब आएगा?इंतजार नहीं हो रहा है। सब कुछ बहुत तेजी से बदल रहा है।